हिमाचल में ऊना और सिरमौर जिला में पहले से ही अभियान चल रहा है।
हिमाचल के ऊना और सिरमौर में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की सफलता के बाद अब केंद्र सरकार ने कांगड़ा और हमीरपुर को अभियान के लिए चुना है। दोनों जिलों में महिला लिंगानुपात भारत की औसत से काफी कम है। ऐसे में सरकार ने कांगड़ा और हमीरपुर जैसे देश 59 अन्य जिलों को अभियान में शामिल किया है। 22 जनवरी, 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के पानीपत में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की शुरुआत की थी।
इसके तहत देशभर के 100 ऐसे जिलों को अभियान के लिए चुना गया था, जहां महिला जन्म दर पुरुषों की अपेक्षा बेहद कम है। कम महिला लिंग अनुपात वाले जिलों की सूची में हिमाचल के ऊना और सिरमौर का भी नाम था। महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय की ओर से कोशिशें हुईं और इन जिलों में विशेष अभियानों, जागरूकता कार्यक्रमों के जरिये लिंगानुपात के अंतर को कम किया गया।
अभियान के सफल संचालन के बाद अब मंत्रालय ने देशभर के 61 और जिलों को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान से जोड़ा है। इनमें हिमाचल के कांगड़ा और हमीरपुर जिले शामिल हैं। चयन की घोषणा होने के बाद अब 19 अप्रैल को महिला एवं बाल कल्याण मंत्री मेनका गांधी इन जिलों के डिप्टी कमिश्नर अथवा डीएम के साथ दिल्ली में बैठक कर अभियान को सफल बनाने के लिए जानकारी साझा करेंगी।