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बीसीसीआई सचिव अनुराग को कोर्ट से मिली जमानत

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हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एचपीसीए) के धर्मशाला में होटल पवेलियन के लिए सैकड़ों पेड़ काटने के मामले में भाजपा सांसद, बीसीसीआई सचिव एवं एचपीसीए अध्यक्ष अनुराग ठाकुर शनिवार को स्पेशल जज धर्मशाला दविंद्र कुमार की अदालत में पेश हुए। अनुराग ठाकुर ने कोर्ट में 20 हजार रुपये का निजी मुचलका और जमानत के कागजात पेश किए जिन्हें जज ने स्वीकृत कर लिया।
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इसके अलावा एचपीसीए पदाधिकारी एवं सरकारी सेवानिवृत्त कर्मचारी विशाल मरवाह, संजय शर्मा सहित जगदीश राम, विधि चंद और कुलदीप कुमार भी पेशी के लिए पहुंचे। मामले में सुनवाई के बाद अब अगली तिथि 23 मई रखी गई है। अदालत ने मामले से जुड़े पेपर चेक करने के आदेश भी दिए हैं।

होटल पवेलियन खनियारा के लिए पेड़ काटने के मामले में विजिलेंस धर्मशाला ने एचपीसीए के खिलाफ 29 नवंबर 2013 को आईपीसी की धारा 406, 447, 201, 120बी, भ्रष्टाचार अधिनियम 13 (2) और फोरेस्ट कंजरवेशन एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। सांसद अनुराग ठाकुर सहित एचपीसीए के पदाधिकारियों पर आरोप है कि एचपीसीए के मुख्य पदाधिकारी के तौर पर इन्हीं के निर्देशों से होटल द पवेलियन निर्माण में अनियमतिताएं बरती गईं।
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आपराधिक षड्यंत्र रचने के हैं आरोप

इन पर आपराधिक षड्यंत्र रचने और उसमें शामिल होने का आरोप है। विजिलेंस ने होटल द पवेलियन के निर्माण के लिए सैकड़ों पेड़ काटने के आरोप में एचपीसीए के खिलाफ यह तीसरी एफआईआर दर्ज की थी। वहीं, शनिवार को एचपीसीए पर दर्ज पहली एफआईआर सोसाइटी से कंपनी बनाने के मामले में धर्मशाला कोर्ट में पेशी थी।

लेकिन, कोर्ट में इस मामले को लेकर सुनवाई नहीं हो पाई। क्योंकि, एचपीसीए की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में स्टे लगाई हुई है। एचपीसीए पर दर्ज पहली एफआईआर मामले में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल, उनके बेटे सांसद अनुराग ठाकुर, दूसरे बेटे अरुण धूमल, राजस्व और वन विभाग के अफसरों सहित डेढ़ दर्जन लोगों को आरोपी बनाया गया है।
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