जीवन में लक्ष्य साधकर चलना मंजिल को आसान बना बना देता है। चाहे वह विश्व की सबसे ऊंची चोटी ही क्यों न हो। सिरमौर में रेणुका जी तीर्थ से सटे छोटे से गांव बडौन निवासी एवं एनएसजी कमांडो विवेक ठाकुर एवरेस्ट फतह करने निकले हैं। विवेक ने नेपाल से एवरेस्ट की चढ़ाई शुरू की।
30 मार्च को भारत सरकार के गृह सचिव राजीव गोबा ने उन्हें राष्ट्रीय ध्वज तथा एनएसजी का ध्वज देकर दिल्ली से रवाना किया था। विवेक एवरेस्ट फतह करने निकली 16 सदस्यीय टीम का हिस्सा हैं।
8848 मीटर की ऊंचाई का यह सफर दो माह में पूरा किया जाएगा। इसके बाद सभी 30 मई को लौटेंगे। फिलहाल, लेफ्टिनेंट कर्नल जय प्रकाश कुमार के नेतृत्व में 16 कमांडो का यह दल एवरेस्ट फतह करने निकला है।
विवेक ठाकुर ने वर्ष 2012 में पैरा मिलिट्री फोर्स में सब इंस्पेक्टर पद पर सेना में सेवाओं की शुरुआत की थी। वर्ष 2015 में उन्हें एनएसजी में ब्लैक कैट कमांडों के पद पर प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया। यहां से माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने का लक्ष्य निर्धारित किया।
हालांकि, टीम में हिमाचल के तीन कमांडो शामिल हैं। इनमें बिलासपुर और लाहौल-स्पीति के अलावा सिरमौर से विवेक ठाकुर हैं। खालाक्यार पंचायत प्रधान नीलम चौहान ने विवेक को शुभकामनाएं दी हैं।