कहते हैं हौंसले बुलंद हों तो मंजिलें मिल ही जाती हैं। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है फोरथ क्लास कर्मचारी के बेटे सोनू ने। हिमाचल के मंडी जिले के धर्मपुर उपमंडल के सरी पंचायत के कपाही गांव के बेलदार (फोरथ क्लास कर्मचारी) के बेटे ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) की नेशनल एलिजीबिलिटी टेस्ट (नेट) के जेआरएफ में दूसरा स्थान हासिल किया है।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से ली गई हिंदी विषय की जेआरएफ परीक्षा में सोनू ठाकुर ने यह उपलब्धि हासिल की है। सोनू की उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी की लहर है।
कॉलेज कैडर रिक्रूटमेंट में इंटरव्यू में हुए थे बाहर
गरीब परिवार से संबंध रखने वाले सोनू कुमार की प्रारंभिक पढ़ाई सरी स्कूल से हुई है। उसके बाद ग्रेजुएशन की पढ़ाई गवर्नमेंट कॉलेज सरकाघाट से की। हिंदी विषय में रुचि होने पर सोनू ने एचपीयू शिमला में पोस्ट ग्रेजुएशन में दाखिला लिया।
यूनिवर्सिटी में हिंदी विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद सोनू ने नेट पास किया है। इस वर्ष सोनू ने यूजीसी जेआरएफ पास किया है। सोनू ने इसी वर्ष एचपीयू शिमला से एमफिल की पढ़ाई पूरी की है।
इसी वर्ष हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग की कॉलेज कैडर की लिखित परीक्षा उत्तीर्ण की थी। यहां वह इंटरव्यू में बाहर हो गए थे। एचपीयू से इस बार जेआरएफ पास करने वाले सोनू अकेले छात्र हैं।
फोरथ क्लास कर्मचारी बेलदार हैं मां
हिमाचल प्रदेश सरकार
सोनू ठाकुर ने सफलता का श्रेय माता-पिता, चाचा डॉ. धर्मपाल और शिक्षकों को दिया है। सोनू ठाकुर ने कहा उनके पिता राजकुमार निजी स्कूल में शिक्षक हैं, जबकि माता कमला लोक निर्माण विभाग में फोरथ क्लास कर्मचारी हैं। वे बेलदार हैं।
अब केंद्र सरकार का मानव संसाधन मंत्रालय सोनू कुमार को जूनियर रिसर्च फेलोशिप के तहत प्रतिमाह 30 हजार रुपये स्कॉलरशिप मिलेगी। सरी पंचायत के संजय कुमार, गांव के डॉ. जोगिंद्र सकलानी ने सोनू कुमार और उसके अभिभावकों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है।