संजीव उस समय चर्चा में आए थे, जब उनके निर्देशन में बनी ‘दिले च बसिया कोई’ को साल 2011 में बेस्ट फिल्म, बेस्ट डायरेक्टर और बेस्ट प्रोड्यूसर का अवार्ड मिला, जबकि ‘पन चक्की’ को बेस्ट फिल्म और बेस्ट म्यूजिक का अवार्ड मिला था।
संजीव के योगदान को बॉलीवुड कभी नहीं भूलता। इसी का नतीजा है कि लगातार तीन बार उन्हें नेशनल फिल्म अवार्ड में ज्यूरी मेंबर बनाया गया। लेकिन, संजीव के हुनर से प्रदेश सरकार अंजान है। इसी का नतीजा है कि हाल ही में प्रदेश सरकार के आयोजित फिल्म उत्सव के लिए संजीव रत्न को सूचना तक नहीं दी गई। इस बात का संजीव की भी मलाल है।