सोलन। डॉ वाईएस परमार उद्यानिकी एवं वानिकी विवि नौणी की दो छात्राओं का चयन प्रतिष्ठित अखिल भारतीय कृषि अनुसंधान सेवा (एआरएस) - 2016 के लिए हुआ है। कृषि वानिकी विषय की महज तीन सीटों के लिए हजारों छात्रों ने परीक्षा दी थी। इनमें से दो सीटें नौणी विवि की छात्राओं ने हासिल की हैं। ये छात्राएं पेम्पा लामू भूटिया और लीशांगथेम चाणु लैंगलेतोंबी हैं।
पेम्पा सिक्किम और लीशांगथेम मणिपुर से हैं। दोनों नौणी विवि के वानिकी कॉलेज की छात्रा हैं। उन्होंने विवि से एमएससी की डिग्री पूरी की है। वर्तमान में पीएचडी कर रही हैं। पेम्पा की एग्रोफोरेस्ट्री विषय में पीएचडी पूरी होने वाली है, जबकि लीशांगथेम वन-संवर्धन विषय में डॉक्टरेट डिग्री कर रही हैं।
कृषि वैज्ञानिक भर्ती बोर्ड हर साल स्नातकोत्तर छात्रों के विभिन्न विषयों के लिए एआरएस परीक्षा करवाता है। जो छात्र एआरएस परीक्षा पास करते हैं, उन्हें भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के देश में विभिन्न अनुसंधान केंद्रों में वैज्ञानिकों के रूप में भेजा जाता है। परीक्षा के दो चरण होते हैं - प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा। मुख्य परीक्षा में उत्तीर्ण छात्रों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है।
इसके बाद मेरिट पर रिजल्ट घोषित किए जाते हैं। पिछले साल भी दोनों इसी परीक्षा के साक्षात्कार दौर तक पहुंची थीं। नौणी यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. एचसी शर्मा ने बतया कि एआरएस जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में दो छात्रों का चयन विश्वविद्यालय के लिए गर्व की बात है। विश्वविद्यालय की संकाय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विद्यार्थियों को लगातार प्रेरित किया जाता है।