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बचपन के शौक ने बिजली बोर्ड के अधिकारी को बना दिया खिन्नु उस्ताद

Mon, 11 Feb 2019 01:35 PM IST
अरविन्द ठाकुर राकेश भारद्वाज, अमर उजाला, धर्मशाला
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राज्य बिजली बोर्ड में अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता (इंजीनियर) रुमेल सिंह प्रदेश में खिन्नु उस्ताद के नाम से चर्चित हैं। साल 2007 में रुमेल सिंह के गाए गीत मेरा खिन्नु बड़ा उस्ताद हो, हाय-हाय मेरे खिन्नुआ ने जहां यू-ट्यूब पर पहाड़ी गीतों को देखे जाने के कई रिकॉर्ड तोड़े, वहीं उन्हें एक नया नाम भी दिया।

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इससे पहले साल 2008 में उनके गीतों की एलबम से उन्हें साबो भरमौरिया का मिला था, लेकिन यह नाम खिन्नु उस्ताद से अधिक चर्चा नहीं बटोर पाया। पेशे से इंजीनियर एवं बिजली बोर्ड में अधिकारी के पद पर तैनात रुमेल सिंह की गायकी का जुनून ही था कि वे हिमाचल की गद्दी संस्कृति के गीतों का संरक्षण कर रहे हैं।

उनके खिन्नु गाने को यू-ट्यूब पर 8895239 व्यूज, जबकि 2018 में आई चक्की ढेरा को 479395 और धुपलिए को 521422 व्यूज अब तक मिल चुके हैं। साल 2008 में रुमेल की आठ गानों की साबो भरमौरिया, आठ गानों की 2009 में नैरी बादलिए, हाय ढोला एलबम भी आई। इससे पूर्व साल 2004 में मेरी पदमा ऑडियो एलबम मार्केट में आई थी।

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रुमेल बिजली बोर्ड में दे रहे हैं सेवाएं

स्वर्गीय धैमला राम और कायां देवी के चार बेटों में सबसे छोटे रुमेल सिंह का जन्म 22 फरवरी, 1966 को भरमौर के राजौर गांव में हुआ। हाई स्कूल भरमौर से पढ़ाई के बाद 1985 में पॉलिटेक्नीक हमीरपुर से इलेक्ट्रिकल में तीन वर्षीय डिप्लोमा किया। आर्थिक तंगी के चलते बीए प्राइवेट की। 1997 में यूनिवर्सिटी ऑफ रुड़की से एमटेक की। इससे पहले 1987-88 में रेलवे बोर्ड में एक साल बतौर कनिष्ठ अभियंता सेवाएं दीं।

1988 में प्रदेश बिजली बोर्ड में कनिष्ठ अभियंता के पद पर सेवाएं शुरू कीं। वर्तमान में शाहपुर डिविजन में अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता के पद पर सेवाएं दे रहे हैं। बिजली बोर्ड के 30 साल के सेवाकाल में पांगी, भरमौर, डलहौजी, चंबा, बकलोह, चुवाड़ी, सोलन और शिमला में सेवाएं दे चुके हैं। 

संगीत का ज्ञान नहीं, शौक ने बढ़ाया आगे 
रुमेल सिंह का कहना है कि उन्हें संगीत का ज्ञान नहीं है। इसका उन्होंने कोई प्रशिक्षण भी नहीं लिया, लेकिन बचपन से गाने का शौक था, जिसने इस क्षेत्र में आगे बढ़ाया। नौकरी करने के बाद अपने इस शौक को पूरा किया। रुमेल ने सफलता का श्रेय माता-पिता और पत्नी वंदना को दिया है। इनके बेटे सेना में लेफ्टिनेंट हैं, जबकि बेटी फैशन डिजाइनिंग का कोर्स कर रही हैं।
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