इसमें राम केड़े बेले जपना..., राम नाम दी क्यारी बीज ले..., बाबा जी चंगे मेरे लेख लिखयो जैसे गानों को काफी तारीफ मिली। यू-ट्यूब पर लोग पम्मी के गानों को काफी पसंद कर रहे हैं। उन्होंने 2006 में संगीत की दुनिया में कदम रखा। पम्मी ने चंडीगढ़ से संगीत में एमए की है। उन्होंने पांच साल हमीरपुर में संगीत की बारीकियों को सीखा।
इनकी पहली एलबम रामा ओ रामा थी। पम्मी की शादी हो चुकी है। उनके दो बेटे हैं। जल्द ही उनकी पहाड़ी नाटी नॉन स्टॉप आने वाली है। पम्मी ठाकुर ने कहा उनकी सफलता में परिजनों का योगदान है। वे पंजाब, दिल्ली और मुंबई में स्टेज शो कर चुके हैं। पम्मी ने कहा कि उन्हें बचपन से गाने का शौक है।