कहते हैं कि अगर इंसान के हौंसले बुलंद हो तो वो चुनौतियों को भी चुनौती दे सकता है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है हिमाचल के शाश्वत राणा ने।
जिला मंडी की नगर पंचायत सरकाघाट के कलश वार्ड निवासी शाश्वत राणा ने भारतीय वायुसेना में फाइटर प्लेन पायलट बनकर प्रदेश का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से माता-पिता और दोस्त फूले नहीं समा रहे।
शाश्वत की प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय लार्ड्स कानवेंट स्कूल में हुई है। जमा दो चंडीगढ़ स्थित सेक्टर 14 के मॉडल गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल से की। भारतीय सेना में जाने के लिए इस होनहार ने चंडीगढ़ में ही अपनी पढ़ाई को जारी रखा।
जब एनडीए की परीक्षा हुई तो उसमें भी पहले ही प्रयास में सफल रहे। एनडीए परीक्षा में मेरिट के आधार पर इनका चयन भारतीय वायुसेना में हुआ और फिर वह महाराष्ट्र के पुणे स्थित एनडीए एकेडमी में प्रशिक्षण के लिए चले गए।
शाश्वत के पिता डॉ. राजकुमार राणा महाविद्यालय धर्मपुर में प्राध्यापक हैं और माता सरोज राज राणा वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बगड़ा गलू में स्कूल प्रवक्ता हैं।
अपनी बेटे की की उपलब्धि पर उन्होंने कहा कि उनके बेटे को भारतीय वायुसेना में जाने की प्रेरणा उनके नाना कर्नल हजारी लाल से मिली। क्योंकि जब वह ननिहाल जाता था तो उनकी सेना की वर्दी पर लगे स्टार को बड़े गौर और उत्सुकता से देखता था।
वह हमेशा अपने नाना की तरह सेना का अधिकारी बनने की बात करता था। उसके इस शौक को उसके स्कूल के प्रबंधक कर्नल बलवंत ब्राडी ने और सिरे चढ़ाया।
शाश्वत की सफलता पर उसकी बहन श्रेया राणा, दादी जयवंती देवी, नाना कर्नल हजारी लाल, मौसी निशा ठाकुर, लॉर्ड्स कॉन्वेंट स्कूल के प्रबंधक कर्नल बलवंत ब्राडी सहित सभी नगर पंचायत वासियों ने बधाई दी है।