हिमाचल में एचएएस परीक्षा में टॉप करने वाली बिलासपुर की अपराजिता चंदेल को ‘अमर उजाला’ के अपराजिता अभियान के तहत सम्मानित किया गया। शनिवार को राजभवन शिमला में राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने स्मृतिचिह्न भेंट कर और शॉल पहनाकर उन्हें नवाजा।
राज्यपाल ने अमर उजाला के इस अभियान की सराहना की। उन्होंने अपराजिता अभियान के तहत सम्मानित होने वाली टॉपर का नाम भी अपराजिता होने के संयोग पर आश्चर्यपूर्वक मुस्कराते हुए कहा कि अमर उजाला यह एक बहुत ही पवित्र कार्य कर रहा है।
अपराजिता चंदेल राजभवन में इस सम्मान को लेने सपरिवार पहुंचीं। अपराजिता मौजूदा समय में रक्षा मंत्रालय दिल्ली में सेक्शन ऑफिसर के पद पर तैनात हैं। अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत सम्मानित होने के बाद एचएएस टॉपर अपराजिता चंदेल ने कहा कि वह बहुत खुश हैं कि अमर उजाला की वजह से उन्हें यह मौका मिला।
उन्होंने राज्यपाल आचार्य देवव्रत से सम्मानित होने के बाद उनसे सवाल भी किए और पूछा कि प्रशासनिक सेवाओं में जाने के बाद वह किस तरह से काम करें इस बारे में राज्यपाल उनका मार्गदर्शन करें।
राज्यपाल ने कहा कि वे लोगों को एक अच्छा पर्यावरण देने की दिशा में कार्यरत रहें जिससे कि लोग स्वस्थ जीवन जी सकें। इसी बीच उन्होंने प्राकृतिक खेती की भी बात की। अपराजिता ने राज्यपाल को बताया कि वह रक्षा मंत्रालय में उस स्थान पर नियुक्त हैं जहां से राज्यपाल के एडीसी की नियुक्ति होती है।
उन्होंने कहा कि शिमला में राज्यपाल के एडीसी मेजर रोहन मुंशी का नियुक्ति पत्र भी उन्होंने ने ही जारी किया था। वह आईएएस की परीक्षा में भी चयनित हुई हैं और अपने परीक्षा परिणाम का इंतजार कर रही हैं। अपराजिता चंदेल ने परिवार सहित इस मौके पर राजभवन के विभिन्न कक्षों और यहां रखी ऐतिहासिक वस्तुओं को भी देखा।
उनके साथ उनके पिता राकेश चंदेल, माता मीना चंदेल, राकेश चौहान, विजय कटोच, नेहा चौहान, कजन्स ईशानी और आदित्य भी मौजूद रहे। राज्यपाल के सलाहकार डॉ. शशिकांत शर्मा, एडीसी मेजर रोहन मुंशी, एडीसी मोहित चावला, सूचना अधिकारी जयंत शर्मा समेत राजभवन के कई अधिकारी भी इस मौके पर मौजूद रहे।