वर्ष 1971 में उन्होंने नंदन से पीएचडी की डिग्री हासिल की। साल 1971 से 1986 तक वरिष्ठ वैज्ञानिक, जबकि करीब 13 सालों तक वाडिया इंस्टीट्यूट में बतौर निदेशक अपनी सेवाएं दीं। डॉ. विक्रम चंद्र ठाकुर के भांजे डॉ राजेंद्र गुरंग डिग्री कॉलेज धर्मशाला से बतौर संगीत प्राध्यापक सेवानिवृत्त हुए हैं।
डॉ. विक्रम चंद्र ठाकुर के 150 से अधिक शोध प्रकाशित हुए हैं, जबकि नेशनल मिनरल अवॉर्ड, मैंबर ऑफ इंडियन काउंसिल ऑफ साइंस एडं अमेरिकन ज्योग्राफिकल यूनियन, सीएसआईआर में एमिरेट्स साइंटिस्ट, 1988 में यूएसए के वाशिंगटन में हुई इंटरनेशनल जियोलॉजिकल कांग्रेस हिमालयन टेक्टोनिक्स में कन्वीनर, 2000 में ब्राजील में हुई हिमालय एडं एल्पस टेक्टोनिक्स के क्नवीनर सहित करीब एक दर्जन से अधिक देशों में विजिटिंग साइंटिस्ट के रूप में सेवाएं दी हैं।