मेहनत और लगन के दम पर असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है। जी हां, बिलासपुर जिले के बैरी कस्बे के निवासी युवा वैज्ञानिक नीरज शर्मा ने ऐसा ही उदाहरण पेश किया है। उन्हें कोच्चि में डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) की ओर से नेशनल अवार्ड से सम्मानित किया गया है। अवार्ड में उन्हें एक लाख रुपये नकद और प्रशस्ति पत्र भी दिया गया है।
नीरज यह अवार्ड प्राप्त करने वाले पहले हिमाचली युवा वैज्ञानिक हैं। यह पुरस्कार उन्हें 14 मई को डीआरडीओ के चेयरमैन एवं सेक्रेटरी डिफेंस आरएंडडी डॉ. एस क्रिस्टोफर ने प्रदान किया। नीरज ने सफलता का श्रेय माता-पिता को दिया है। नीरज शर्मा बैरी बरमाणा के व्यवसायी दीपक शर्मा और मीरा शर्मा के इकलौते पुत्र हैं।
नीरज शर्मा विवाहित हैं और उनकी धर्मपत्नी शिल्पा शर्मा चंडीगढ़ के एक बैंक में अधिकारी हैं। नीरज ने अपनी आरंभिक शिक्षा डीएवी स्कूल बरमाणा से हासिल की और उसके बाद उनका चयन एनआईआईटी हमीरपुर में हो गया। डिग्री के बाद वर्ष 2003 में उनका चयन डीआरडीओ में हो गया और उनकी पहली पोस्टिंग डिफेंस इंस्टीट्यूट ऑफ अरमामेंट टेक्नालाजी पुणे में हुई थी।
यहां से उन्हें जनवरी 2004 में स्नो एंड एवालांच स्टडी एस्टब्लिश ब्रांच में भेजा गया। यहीं पर उन्होंने बर्फानी क्षेत्रों पर शोध कार्य किया। नीरज के 13 वर्ष के लंबे करिअर में 11 रिसर्च पेपर भी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित हुए हैं। 2015 में डीआरडीओ नेशनल टेक्नालाजी मेडल से नवाजा जा चुका है।