जीवन में कुछ कर गुजरने की ललक ने दीपिका लाल को हिमाचल के चुनिंदा महिला डिजाइनरों की कतार में खड़ा कर दिया है। पढ़-लिखकर सरकारी नौकरी के पीछे भागने की बजाय दीपिका ने ड्रेस डिजाइनिंग को अपना करियर चुना है। यह उपलब्धि इसलिए भी बड़ी है, क्योंकि दीपिका जनजातीय जिला की पहली महिला ड्रेस डिजाइनर हैं। हिमाचल गॉट टैलेंट के पहले सीजन में दीपिका के डिजाइन किए बेहतरीन परिधानों ने सबको आकर्षित किया।
डिजाइनिंग के जरिये दीपिका लाल लाहौल-स्पीति और कुल्लू के पारंपरिक परिधानों को फैशन की दुनिया में एक अलग पहचान दिलाने की कोशिश कर रही हैं। हाल ही में शिमला में हुई हिमाचल गॉट टैलेंट के प्रथम सीजन में उनकी टीम को सर्वश्रेष्ठ चुना गया है। दीपिका जल्द ही स्थानीय महिलाओं के साथ मिलकर पारंपरिक परिधानों को तैयार करने के लिए लघु उद्योग स्थापित करने की योजना भी बना रही हैं। हिमाचल गॉट टैलेंट के आयोजक नरेश कुमार कौंडल ने बताया कि इमानिम्ल की टीम ग्रैंड फिनाले में शामिल हो गई है।
परिजन थे डिजाइनिंग के खिलाफ
केलांग। परिजन चाहते थे कि आम लड़कियों की तरह दीपिका भी पढ़-लिखकर नौकरी करें। लिहाजा, दीपिका ने बीएससी के बाद बीएड की पढ़ाई की। परिजनों की इच्छा के खिलाफ जाकर दीपिका ने ऑनलाइन डिजाइनिंग सीखी। हालांकि, बेटी की मेहनत और कामयाबी के आगे परिजनों को आखिर हर माननी पड़ी। पिता रामलाल और मां देवंती ने कहा कि आज उन्हें बेटी पर नाज है। दीपिका लाहौल के कुकुमसेरी गांव की रहने वाली हैं।