इसके बाद मलेशिया में नौ से 11 जून अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में खेलने का मौका मिला। प्रतियोगिता के 66 किलोभार के फाइनल मैच में मलयेशिया के पहलवान को ईरानी दांव लगाकर उसे चित करके देश के लिए स्वर्ण पदक जीता।
अमन चौधरी के पिता रविंद्र कुमार जालंधर में बीबीएमबी में बेलदार कार्यरत हैं, जबकि माता तृप्ता देवी गृहिणी और छोटा भाई जमा दो की परीक्षा पास कर चुका है। अमन चौधरी का लक्ष्य सेना में भर्ती होकर देश सेवा करके भारत के लिए कुश्ती में ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतना है।