कल्पना ठाकुर मनाली के शशांक मॉडल स्कूल गोजरा में आठवीं कक्षा की छात्रा हैं। वे बचपन से एक पेड़ को अपना भाई मानती हैं और हर वर्ष इसे राखी बांधती हैं। पर्यावरण बचाने के लिए भी प्रेरणा स्रोत बनकर उभरी हैं। अभी तक 200 से अधिक पौधे रोप चुकी हैं।
बेटों से कम नहीं होती हैं बेटियां : कल्पना
कल्पना ठाकुर ने कहा कि बेटियां भी बेटों से कम नहीं होती हैं। बेटियां भी हर क्षेत्र में माता-पिता का नाम रोशन कर सकती हैं। किशन लाल ने बताया कि बेटी के जज्बे के आगे कई पहाड़ बौने हो गए। बिना किसी परेशानी के कल्पना ने 18,870 फीट ऊंची खरदुंगला चोटी पर तिरंगा फहराया है।