अतिरिक्त मुख्य सचिव लोक निर्माण विभाग मनीषा नंदा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अपने-अपने मंडलों में ऐसी दो-तीन परियोजनाएं चिंहित करें जहां बायो इंजीनियरिंग तकनीक से कार्य किया जा सके। विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हासिल की गई प्रगति की समीक्षा के लिए आज यहां प्रदेश के सभी मंडलों के मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं और अधिशासी अभियंताओं के साथ उन्होंने बैठक की।
लोक निर्माण विभाग के सभी मंडलों के अधिकारियों ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनाएं, सीआरएफए, नाबार्ड और राज्य बजट के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों में हुई प्रगति के बारे में प्रस्तुति दी। उन्होंने सड़क और पुल निर्माण, टारिंग और मैटलिंग में अभी तक हुई प्रगति के बारे में अवगत करवाया। मनीषा नंदा ने कहा कि कांगड़ा जिला के दूर दराज क्षेत्र बड़ा भंगाल को होली से जोड़ने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर दी गई है।
यह सड़क लगभग 21 किलोमीटर लंबी होगी। इस परियोजना के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 27 करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त करने के लिए केंद्र सरकार से मामला उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सड़क किसी प्राकृतिक आपदा और विपरीत मौसम की परिस्थितियों में बड़ा भंगाल क्षेत्र के लोगों को सुविधाएं प्रदान करने में बहुत उपयोगी सिद्ध होगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और उन पर निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा किया जाए। अधिकारियों से कहा कि भू-अधिग्रहण के मामलों के शीघ्र निपटारे और सभी परियोजनाओं में गुणात्मक नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जाए।
लोक निर्माण विभाग को पूरी तरह कंप्यूटरीकृत बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जिससे विभाग की कार्य प्रणाली में सुधार के साथ-साथ पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। इंजीनियर-इन-चीफ आरपी वर्मा और अशोक चौहान सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि इस वित्त वर्ष में 30 सितंबर तक प्रदेश में 374 किलोमीटर लंबी सड़कों और 24 पुलों का निर्माण किया गया। इसी अवधि में 736 किलोमीटर सड़कों पर टारिंग और 429 किलोमीटर सड़कों पर क्रॉस ड्रेनेज़ की सुविधा दी गई। इसके अतिरिक्त1850 किलोमीटर सड़कों पर मैटलिंग की गई और 25 नए गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ा गया।