बहुचर्चित प्रतिबंधित दवा तस्करी प्रकरण में हरियाणा और पंजाब के दो आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका को उच्च न्यायालय ने अस्वीकार कर दिया है। इसके बाद एक आरोपी भूमिगत हो गया है, जबकि एक को स्टेट सीआईडी की एसआईटी ने गिरफ्तार कर बनगढ़ जेल भेज दिया है। इस प्रकरण में अब तक सात लोग जेल में हैं। भूमिगत आरोपी की तलाश के लिए एसआईटी ने अभियान तेज कर दिया है।
गगरेट के बहुचर्चित प्रतिबंधित दवा तस्करी प्रकरण के उजागर होने के बाद पुलिस महकमा भी हैरान रह गया था। इस प्रकरण के उजागर होने के बाद ही यह खुलासा हुआ कि दवा तस्करी का नेटवर्क कई राज्यों में फैला है। इस रैकेट में कई राज्यों के लोग शामिल हैं। यह भी खुलासा हुआ था कि दवा तस्कर इस रैकेट को ट्रांसपोर्ट कंपनियों के सहारे चला रहे थे।
एसआईटी ने गगरेट के पार्षद वीरेंद्र बिंदु काे मुख्य सरगना बताया था। अब तक इस प्रकरण में छह लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। लुधियाना के विशाल और सोनीपत के साहिल ने गिरफ्तारी से बचने के लिए उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका लगा रखी थी, लेकिन बुधवार को न्यायालय ने दोनों आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
इसके बाद एसआईटी ने साहिल को तो गिरफ्तार कर लिया, लेकिन विशाल भूमिगत हो गया है। एसआईटी ने साहिल को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, यहां से उसे न्यायिक हिरासत में बनगढ़ जेल भेज दिया। वहीं, विशाल को गिरफ्तार करने के लिए एसआईटी की टीमें उसके संभावित ठिकानों के लिए रवाना हो चुकी हैं। इसी प्रकरण में एसआईटी द्वारा सबूतों से छेड़छाड़ करने के आरोप में मुख्य सरगना की पत्नी को भी आरोपी बनाया गया है। वह भी अग्रिम जमानत के लिए उच्च न्यायालय की शरण में है। उसकी अग्रिम जमानत पर सुनवाई छह अप्रैल को होगी। स्टेट सीआईडी के आला अधिकारी ने बताया कि एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि फरार चल रहे आरोपी की तलाश जारी है।