हिमाचल प्रदेश में मार्च 2023 तिमाही के लिए बैंकों के प्रदर्शन की समीक्षा के लिए गुरुवार को शिमला में 168वीं राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक आयोजित हुई। प्रदेश के प्रधान सचिव मनीष गर्ग ने जिला किन्नौर में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना किए जाने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जब वे किन्नौर में जिलाधीश थे, तब उनके कार्यकाल में उन्होंने स्वयं सहायता समूहों का गठन करवाना शुरू किया था। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना से वहां के लोगों को लाभ मिलेगा। इसके साथ ही उन्होंने कृषि से संबंधित ऋणों को अधिक से अधिक संख्या में स्वीकृत करने का आह्वान किया। उन्होंने अगले वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित किए गए 31417 करोड़ रुपये के ऋणों के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए भी बैंकों से आग्रह किया।
168वीं राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए यूको बैंक के कार्यकारी निदेशक राजेंद्र कुमार साबू ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2022-23 प्रगतिशील वर्ष रहा है। विश्व बैंक ने अपने नवीनतम अपडेट नोट्स में कहा कि हालांकि वैश्विक वातावरण में महत्वपूर्ण चुनौतियां बनी हुई हैं, भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2022-23 के अच्छे परिणाम सामने आए हैं। वर्ष के दौरान राज्य में 49 एटीएम और 65 नई शाखाएं जोड़ी हैं। जमा राशि में 15533 करोड़ रुपये और अग्रिमों में 7038 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। बैंकों ने कुल 40675 करोड़ के ऋण प्रदान किए और अपने कुल लक्ष्य का 121.39 प्रतिशत प्राप्त किया है, जिसमें से प्राथमिकता क्षेत्र 26392 करोड़ के ऋण दिए जो लक्ष्यों को 93.24 प्रतिशत और गैर प्राथमिकता 14283 करोड़ के ऋण दिए जो इसके अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों को 264.62 प्रतिशत है। वित्त मंत्रालय से निदेशक डॉ संजय कुमार ने कहा कि अप्रैल से जून तक भारत सरकार की ओर से विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें सामाजिक सुरक्षा बीमा योजनाओं में प्रधान मंत्री जीवन ज्योति योजना के अंतर्गत 187746 लोगों को शामिल करने का लक्ष्य एवं प्रधान मंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत 403246 का लक्ष्य निर्धारित किया है।