हड़ताल के दाैरान ये बैंकिंग सेवाएं रहेंगी जारी, रविवार को खुले रहेंगे बैंक
फोरम का आरोप है कि आरबीआई ने बिना यूनियनों को विश्वास में लिए रविवार को बैंक खुले रखने का एकतरफा फैसला लिया है, जो सरकार की फूट डालो और राज करो की नीति का हिस्सा है। बावजूद बैंक कर्मी आम जनता की सुविधा के लिए रविवार को शाखाओं में काम करेंगे, लेकिन सोमवार से तीन दिन की हड़ताल रहेगी, जो देश और प्रदेशभर में पूरी तरह सफल होगी। नरेंद्र शर्मा ने कहा कि बैंक कर्मियों की मांगें 2015 से लंबित पड़ी हैं, इसलिए देश के साथ-साथ प्रदेश में भी 28 से 30 सितंबर तक संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ा है। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग पर ढाई साल पहले कई समझौते हुए थे, जिन्हें अभी तक लागू नहीं किया गया है। जब आरबीआई, एलआईसी और केंद्र के अन्य विभागों के कार्यालयों में पांच दिन की व्यवस्था लागू है, तो बैंकों में इसे क्यों नहीं लागू किया जा रहा है। फोरम के पदाधिकारियों ने कहा कि इस हड़ताल के दौरान ग्राहकों और आम लोगों को कुछ समस्या हो सकती है, लेकिन वे डिजिटल बैंकिंग, यूपीआई और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से अपने बैंक के कार्य और लेनदेन कर सकते हैं।
इन मांगों को लेकर हो रही हड़ताल
यूनियन लंबे समय से बैंकिंग क्षेत्र में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की मांग कर रहा है, जिसके तहत शनिवार और रविवार हो। यूनियन ने नई प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना को वापस लेने की मांग की है, जिसे एकतरफा रूप से लागू किया गया है। फोरम के बैनर तले बैंक के हर वर्ग के कर्मचारी और अधिकारी 28 से 30 सितंबर तक चलने वाली हड़ताल के दौरान सुबह 11:30 बजे शिमला के सीटीओ चौक पर एकत्रित होकर अपनी मांगों को मनवाने के लिए शांतिपूर्ण ढंग से धरना-प्रदर्शन करेंगे।
राज्य सहकारी बैंक नहीं हड़ताल में शामिल, जारी रहेगी ग्राहकों के लिए नियमित सेवाएं
पब्लिक सेक्टर के बैंकों की 28 से 30 सितंबर तक रहने वाली देशव्यापी हड़ताल में हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक शामिल नहीं होगा। बैंक इन तीन दिनों में पहले की तरह अपने ग्राहकों को बैंक शाखाओं में सेवाएं जारी रखेगा। बैंक प्रबंध निदेशक विनय सिंह ने बताया कि चूंकि बैंक के कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल नहीं है, इसलिए सोमवार, मंगलवार और बुधवार को बैंक में नियमित सेवाएं दी जाएंगी।