उधर, ओबीसी उम्मीदवारों से कई शिकायतें प्राप्त हुईं, जिसमें कहा गया कि जिला अधिकारियों ने आवश्यक समय सीमा के भीतर नए प्रमाण पत्र जारी करने से मना कर दिया है। कारण बताया गया कि उनके पिछले ओबीसी प्रमाण पत्र अभी तक समाप्त नहीं हुए थे। अधिकारियों ने कहा कि पिछले प्रमाण पत्र की वैधता अवधि समाप्त होने के बाद ही नया प्रमाण पत्र जारी किया जा सकता है। इससे उन आवेदकों के लिए एक बड़ी बाधा पैदा हो गई, जिन्हें अपने सीएसई-2025 आवेदन के लिए नए प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय, कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने सभी राज्य और जिला अधिकारियों को पहले जारी किए गए प्रमाण पत्रों की वैधता के आधार पर प्रतिबंध लगाए बिना आवश्यक ओबीसी एनसीएल प्रमाण पत्र जारी करने का निर्देश दिया है।
ऐसी कोई शर्त न लगे जो पात्रों को प्रमाणपत्र लेने से रोके
केंद्र सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ऐसी कोई शर्त नहीं लगाई जानी चाहिए जो पात्र उम्मीदवारों को उनके ओबीसी एनसीएल प्रमाणपत्र प्राप्त करने से रोके। इस तर्क के आधार पर कोई भी देरी या इन्कार कि पिछला प्रमाण पत्र एक वर्ष से कम समय पहले जारी किया गया था, स्वीकार्य नहीं होगा।