बंगाणा उपमंडल के तहत अंदरौली (कोलका) में हुए हादसे के 24 घंटे बाद भी कोई बदलाव नहीं देखने को मिला। मंगलवार सुबह यहां पंजाब से आए कई श्रद्धालु झील में नहाते हुए दिखे। स्थानीय ग्रामीणों ने इन्हें समझाने का प्रयास भी किया, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं था। इस पर सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने इन्हें खदेड़ा। मंगलवार सुबह यहां पहले की तरह की काफी संख्या में पर्यटक जुट गए। दोपहर को यहां पंजाब से बाइक पर आ रहे श्रद्धालुओं ने झील में नहाना शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंच कर बीते सोमवार को हुए हादसे की जानकारी दी लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं था। इस पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी को खदेड़ा और झील किनारे पानी के पास न जाने की हिदायत दी।
दोपहर बाद करीब 1:30 बजे संवाद टीम गरीब नाथ मंदिर कोलका पहुंची। यहां श्रद्धालुओं को झील किनारे रोकने के लिए दो पुलिस कर्मी तैनात रहे। झील के किनारे बोट दिखी लेकिन बोट में बैठे किसी भी सवार में जीवन रक्षक जैकेट नहीं पहनी थी। बोट चालक को जैकेट के बारे में पूछने पर जवाब मिला कि जैकेट की क्या जरूरत है। झील किनारे पंजाब के युवा लगातार पहुंचते रहे। झील के किनारे संवाद टीम ने देखा कि युवा बेखौफ टिल्लों में जाकर सेल्फी ले रहे हैं। इन युवाओं को हादसे की जानकारी देने पर जवाब मिला कि उन्हें सब पता है। टिल्ले पर जा रहे युवाओं की जरा सी लापरवाही हादसे का कारण बन सकती थी।
कुल मिलाकर धरातल पर हादसे के बाद कोई बदलाव देखने को नहीं मिला। मौके पर दो पुलिस कर्मी तैनात रहे। पुलिस कर्मियों की मानें तो एक टिल्ले पर पहुंचते हैं तो पर्यटक दूसरे टिल्ले पर पहुंच जाते हैं। एक साथ कई रास्ते होने से दिक्कतें पेश आ रही हैं।करीब 2:00 बजे बीहडू घाट में संवाद टीम पहुंची। यहां टीम ने पाया कि पर्यटक मौके पर कोई नहीं हैं लेकिन यहां भी बोट पर धड्डले से बिना जीवन रक्षक जैकेट पहने ही सफर हो रहा है।
पुलिस को नियमित गश्त के निर्देश
पुलिस को नियमित गश्त करने के लिए कहा गया है। निगरानी को लेकर व्यवस्था बनाई जाएगी जिससे इस तरह के हादसों को रोका जा सके। बोट का संचालन पंचायत समिति करती है। इनके सही संचालन के प्रावधान को लेकर पत्राचार किया जा रहा है।-राघव शर्मा, उपायुक्त ऊना