पंजाबी-हिंदी भाषा में लगे हैं चेतावनी बोर्ड
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गोबिंदसागर झील के किनारे कोलका में घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर चेतावनी बोर्ड लगे हैं। इन्हें नजरअंदाज करते हुए युवा झील में नहाने उतर गए। लापरवाही के चलते सात युवाओं की जान चली गई। गरीब नाथ मंदिर के लिए जाते हुए पहले ही पंजाबी और हिंदी में चेतावनी बोर्ड लगे हैं। इसमें साफ तौर पर झील किनारे न जाने और गहराई के बारे में लिखा हुआ है। यह जानलेवा होने की बात भी लिखी है। बावजूद इसके पर्यटक इन्हें अनदेखा कर रहे हैं और हादसे हो रहे हैं। ऐसा ही सोमवार को दोपहर बाद घटित हुआ। इन युवाओं की लापरवाही हादसे का कारण बनी और मोहाली के बनूड़ गांव के कई घरों के चिराग बुझ गए। झील में गर्मी से राहत पाने के लिए उतरे युवा मस्ती करना चाहते थे, लेकिन कुछ और ही घटित हो गया और जान पर बन गई। कुछ समय तक जद्दोजहद करने के बाद झील में समा गए।
गोताखोर भूपेंद्र का कहना है कि झील किनारे और झील के पानी को हल्के में न लें। यह किसी के लिए भी खतरा बन सकता है। ठंडे पानी के कारण टांगों में क्रैंप हो जाते हैं। इस वजह से तैराक के लिए बचना मुश्किल हो जाता है। तैराकी न जानने वालों के लिए यह मौत के कुएं के समान हो जाता है। नदी नालों के किनारे मस्ती न ही की जाए तो बेहतर है। बता दें कि गोबिंदसागर झील पंजाब से सटी हुई है। गरीब नाथ मंदिर से करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर नंगल स्थित है। यहां से रोजाना सैलानी घूमने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन उनकी छोटी सी लापरवाही उनके लिए भारी साबित हो सकती है।