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Shimla: भट्ठाकुफर में फोरलेन के निर्माण पर लगी रोक हटी, जल्द शुरू होगा काम

Wed, 07 Jan 2026 11:31 AM IST
Krishan Singh अशोक चौहान, शिमला।

सार

जिला प्रशासन ने जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के बाद इस क्षेत्र में फोरलेन निर्माण पर लगी रोक हटाने का फैसला लिया है। 
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भट्ठाकुफर में बन रही फोरलेन की टनल। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश की राजधानी के भट्ठाकुफर में सड़क धंसने के बाद फोरलेन निर्माण पर लगाई गई रोक हटा दी गई है। जिला प्रशासन ने जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के बाद इस क्षेत्र में फोरलेन निर्माण पर लगी रोक हटाने का फैसला लिया है। इस बारे में दिशा निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। हालांकि, एनएचएआई और फोरलेन निर्माण करने वाली कंपनी को जीएसआई की ओर से जारी की गई गाइडलाइन के अनुसार ही मौके पर काम करने के दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। जिला प्रशासन भी इसके काम पर निगरानी रखेगा। शहर के भट्ठाकुफरर क्षेत्र में ढली-कैथलीघाट फोरलेन के तहत टनल का निर्माण हो रहा है। बीते साल 22 नवंबर को यहां भट्ठाकुफर बाजार में अचानक संपर्क सड़क का एक हिस्सा धंस गया था। यहां करीब 12 फीट गहरा और चार फीट चौड़ा गड्ढा पड़ गया था। इसमें स्कूल बस भी फंस गई थी। स्थानीय लोगों का कहना था कि इस क्षेत्र में कई महीनों से धंसाव हो रहा है जिससे उनके मकानों में भी दरारें आ गई हैं। इसको देखते हुए जिला प्रशासन ने टनल के निर्माण कार्य पर रोक लगा दी थी।

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बाजार के ठीक नीचे बन रही फोरलेन टनल
करीब 33 मीटर नीचे फोरलेन टनल का निर्माण चल रहा है। अभी तक करीब 500 मीटर टनल का काम पूरा हुआ है। लोगों का कहना था कि इस निर्माण कार्य के चलते ही इस क्षेत्र में जमीन धंस रही है। लोग इस पर आक्रोशित भी हो गए थे। लोगों की चिंता को देखते हुए जिला प्रशासन में तुरंत मौके पर टनल निर्माण के काम पर रोक लगा दी थी। सरकार ने भी जांच बैठा दी थी।

केंद्रीय एजेंसी से करवाया सर्वे, फिर दी मंजूरी
इस क्षेत्र में सड़क धंसने के बाद जिला प्रशासन ने भूविज्ञानी से मौके का सर्वेक्षण करवाया था। इनकी रिपोर्ट में टनल निर्माण के चलते हो रही कंपन के कारण इस क्षेत्र में जमीन धंसने का अंदेशा जताया गया। हालांकि जिला प्रशासन ने केंद्रीय जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की टीम को मौके पर बुलाकर दोबारा इसका गहन सर्वे करवाया। केंद्रीय टीम की रिपोर्ट में सामने आया कि जिस जगह पर सड़क धंसी थी, वहां जमीन के नीचे विछी पेयजल लाइन में लीकेज थी। रिपोर्ट में इसे जमीन धंसने का पहला कारण माना गया। हालांकि, इस रिपोर्ट में टनल निर्माण के चलते हो रही कंपन को भी धंसाव के अन्य कारणों में शामिल किया गया। जीएसआई ने काम को आगे बढ़ाने के लिए कई दिशा निर्देश भी दिए हैं ताकि लोगों के घरों की सुरक्षा हो सके। इन दिशा निर्देशों के अनुसार ही अब मौके पर काम करना होगा। जिला प्रशासन की मंजूरी के बाद अब एनएचएआई ने भी दोबारा इस क्षेत्र में फोरलेन निर्माण शुरू करने की तैयारी कर ली है।
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गाइडलाइन के अनुसार ही करना होगा काम
जीएसआई की रिपोर्ट के अनुसार जो गाइडलाइन जारी की गई है, उसके अनुसार ही फोरलेन कंपनी को निर्माण की मंजूरी दी जा रही है। सुरक्षा को लेकर जो शर्तें और दिशा निर्देश हैं, उसके अनुसार ही मौके पर काम करना होगा।- अनुपम कश्यप, उपायुक्त, शिमला
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