बरसात के मौसम में संभावित भूस्खलन और अन्य दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने के मकसद से यह निर्णय लिया गया है। जिनके भवन निर्माण के नक्शे पहले ही स्वीकृत हैं, उन्हें भी इस अवधि में काम रोकने के निर्देश मिले हैं।
प्रदेश सरकार ने आगामी ढाई महीने के लिए ढलान वाले क्षेत्रों में सभी प्रकार के भवन निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगा दिया है। बरसात के मौसम में संभावित भूस्खलन और अन्य दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने के मकसद से यह निर्णय लिया गया है। जिनके भवन निर्माण के नक्शे पहले ही स्वीकृत हैं, उन्हें भी इस अवधि में काम रोकने के निर्देश मिले हैं।
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मानसून के दौरान ढलान वाली जगहों पर निर्माण कार्य असुरक्षित हो सकता है। इससे मिट्टी का कटाव बढ़ सकता है और भूस्खलन का खतरा पैदा हो सकता है। पिछले वर्षों में बरसात के कारण कई निर्माण स्थलों पर गंभीर दुर्घटनाएं हुई हैं। इन घटनाओं में जान-माल का नुकसान भी हुआ था।
सरकार का मुख्य उद्देश्य नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। स्थानीय प्रशासन को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं। यह प्रतिबंध विशेष रूप से बरसात के मौसम की संवेदनशीलता को देखते हुए लगाया गया है।
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मानसून के दौरान भारी बारिश से ढलान वाली मिट्टी कमजोर हो जाती है। ऐसे में किसी भी तरह का नया निर्माण कार्य जोखिम को बढ़ा सकता है। सरकार ने सुरक्षा कारणों से इस निर्देश को सभी पर समान रूप से लागू करने का निर्णय लिया है। निर्माण कार्य फिर से शुरू करने से पहले स्थानीय अधिकारियों से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। प्रतिबंध हटने के बाद ही काम दोबारा शुरू हो सकेगा।