भविष्य में कानूनी अड़चनें पड़ने पर संबंधित कॉलेज प्रिंसिपल ही जिम्मेवार होंगे। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सरकार के पास लगातार इस प्रकार की नियुक्तियां किए जाने की शिकायतें आई हैं।
ऐसी नियुक्तियां होने के बाद संबंधित शिक्षक या गैर शिक्षक की ओर से स्थायी तौर पर रखने को लेकर कोर्ट में भी शरण ली जा रही है। ऐसे में सरकार ने इस बाबत सख्ती बरतते हुए कॉलेज स्तर पर इस प्रकार की नियुक्तियां नहीं करने के आदेश जारी किए हैं।
उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि कॉलेजों में अस्थायी तौर पर किसी भी शिक्षक या गैर शिक्षक को नियुक्त नहीं किया जा सकता है। जिन कॉलेजों में इस प्रकार की नियुक्तियां दी गई हैं, वहां की रिपोर्ट तलब की गई है। सरकार की ओर से इन नियुक्तियों के लिए वित्तीय मदद नहीं दी जाएगी।