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Shimla News: लूटपाट और जानलेवा हमले में जमानत याचिका खारिज

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आरोपी ने दुकानदार पर किया था जानलेवा हमला
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बद्दी में 3 जनवरी 2025 को दिया था वारदात को अंजाम
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने बद्दी के एक ज्वेलरी शोरूम में घुसकर दुकानदार पर खुखरी से जानलेवा हमला करने और लूटपाट के प्रयास के मामले में आरोपी प्रेन्बा लांबा की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी है।
न्यायमूर्ति राकेश कैंथला की अदालत ने यह फैसला सुनाया। अदालत ने स्पष्ट किया कि बिना किसी ठोस और महत्वपूर्ण बदलाव के लगातार जमानत याचिकाएं दाखिल करना न्यायिक अनुशासन के विपरीत है।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार 3 जनवरी 2025 की रात करीब 8:30 बजे आरोपी प्रेन्बा लांबा बद्दी के चक्का रोड स्थित एक ज्वेलरी की दुकान पर पहुंचा था। आरोपी ने धारदार हथियार (खुखरी) के बल पर दुकानदार से सोना, चांदी और अन्य कीमती सामान देने की मांग की थी। दुकानदार के विरोध करने पर आरोपी ने उस पर ताबड़तोड़ वार कर दिए जिससे उसके दोनों हाथों पर गंभीर और जानलेवा चोटें आईं। शोर मचाने पर आसपास के दुकानदार मौके पर पहुंचे और पीड़ित की जान बचाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान आरोपी और बरामद खुखरी तथा कपड़ों पर पीड़ित का डीएनए पाया गया था।
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अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न पुराने फैसलों का हवाला देते हुए दोहराया कि यदि पहली जमानत याचिका खारिज हो चुकी है तो दूसरी या क्रमिक जमानत याचिका केवल तभी विचारणीय है जब मामले के तथ्यों में कोई वास्तविक और महत्वपूर्ण बदलाव आया हो। इस मामले में अदालत ने पाया कि आरोपी की ओर से परिस्थितियों में ऐसा कोई ठोस बदलाव नहीं दिखाया है। आरोपी की तरफ से ट्रायल में देरी का तर्क दिया था जिसे माननीय हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया।
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