हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सह आरोपी व्यवसायी वकामुल्ला चंद्रशेखर की जमानत के आदेश को हाईकोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चुनौती दी है।
चंद्रशेखर पर वीरभद्र सिंह और उनके परिजनों को 5.9 करोड़ रुपये देने का आरोप है। निचली अदालत ने उसे नौ मार्च को जमानत प्रदान कर दी थी। ईडी की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि चंद्रशेखर को जमानत प्रदान करने वाला अदालती आदेश गलत है और उसमें कई खामियां हैं।
इसलिए इस आदेश को रद्द किया जाना चाहिए। याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होगी। ईडी ने वकामुल्ला को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में 16 फरवरी को गिरफ्तार किया था। याचिका में कहा गया है कि तारिणी समूह के मालिक वकामुल्ला ने अपने तीन बैंक खातों से वीरभद्र सिंह व उनके परिजनों को 5.9 करोड़
की धनराशि दी थी। इस मामले में वह अहम आरोपी है, जो गवाहों को प्रभावित कर सकता है। ईडी का आरोप था कि वीरभद्र सिंह ने 28 मई 2009 से 18 जनवरी 2011 और 19 जनवरी 2011 से 26 जून 2012 के दौरान केंद्रीय मंत्री रहते हुए आय से अधिक धन अर्जित किया था।