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Shimla News: पुलिस का 5.21 ग्राम हेरोइन पकड़ने का दावा, अदालत में निकला कम, आरोपी को जमानत

Sun, 07 Jun 2026 11:52 PM IST
शिमला ब्यूरो रुचि सांख्यान, शिमला।

सार

शिमला की विशेष एनडीपीएस अदालत ने हेरोइन तस्करी के मामले में आरोपी संजीव वर्मा को नियमित जमानत दे दी। पुलिस ने आरोपी से 5.61 ग्राम हेरोइन बरामद होने का दावा किया था, लेकिन अदालत में हुई इन्वेंट्री प्रक्रिया में वास्तविक वजन 4.980 ग्राम और एसएफएसएल जुंगा की रिपोर्ट में 4.96 ग्राम पाया गया। चूंकि हेरोइन की 5 ग्राम से कम मात्रा कानून के अनुसार स्मॉल क्वांटिटी मानी जाती है, इसलिए अदालत ने इसे जमानती अपराध मानते हुए आरोपी को राहत दी। 
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कोर्ट का आदेश। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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विशेष न्यायाधीश एनडी एंड पीएस एक्ट (सीबीआई कोर्ट) शिमला डॉ. परविंदर सिंह अरोड़ा की अदालत ने हेरोइन तस्करी के एक मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी संजीव वर्मा को नियमित जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने पाया कि पुलिस की ओर से पकड़े गए मादक पदार्थ का वजन अदालती इन्वेंट्री और स्टेट फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री की जांच में स्मॉल क्वांटिटी (कम मात्रा) के दायरे में आया है जो कि एक जमानती अपराध है।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार 15 मई 2026 को खवारा चौकी में एनएच पांच पर चेकिंग के दौरान हरियाणा रोडवेज की बस (HR-65GV-4834) को रोका गया था। बस की सीट नंबर 10 पर बैठे आरोपी संजीव वर्मा निवासी कंडयाली (कुमारसैन) के पास से एक कपड़े के पैकेट में हेरोइन बरामद हुई थी। पुलिस ने दावा किया था कि प्लास्टिक पाउच के साथ इस हेरोइन का कुल वजन 5.61 ग्राम था। इसके आधार पर पुलिस थाना बालूगंज में एनडी एंड पीएस एक्ट की धारा 21 के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
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निचली अदालत से जमानत याचिका खारिज होने के बाद आरोपी ने विशेष अदालत का दरवाजा खटखटाया। आरोपी के वकील ने दलील दी कि पुलिस की ओर से बताए गए वजन में प्लास्टिक पाउच का भार भी शामिल था। जब अदालत के समक्ष इन्वेंट्री प्रक्रिया अपनाई गई तो हेरोइन का वास्तविक वजन मात्र 4.980 ग्राम निकला। वहीं, एसएफएसएल जुंगा की रिपोर्ट में यह वजन और घटकर 4.96 ग्राम रह गया। कानून के मुताबिक हेरोइन की 5 ग्राम से कम मात्रा को स्मॉल क्वांटिटी माना जाता है जो कि जमानती अपराध की श्रेणी में आता है। विशेष अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कहा कि आरोपी का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और वह स्थानीय निवासी है। इसलिए उसके फरार होने की कोई आशंका नहीं है। अदालत ने आरोपी संजीव वर्मा को शर्तों के साथ जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
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