बाहरा विश्वविद्यालय को अपने शिक्षकों को बीते तीन माह का वेतन बीस दिन के भीतर जारी करना होगा। मंगलवार को राज्य निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग में आठ महीनों से वेतन नहीं मिलने की शिकायत लेकर पहुुंचे विश्वविद्यालय के शिक्षकों की शिकायत पर आयोग के सदस्य ने यह आदेश जारी किए। मामले की सुनवाई करते हुए आयोग के सदस्य डॉ. एसपी कत्याल ने 22 जून तक सभी शिक्षकों को वेतन जारी करने को कहा। उन्होंने नौ जून को विवि के अकाउंट अफसर को विद्यार्थियों से इस शैक्षणिक सत्र में वसूली गई फीस और विवि के खर्चों का ब्योरा भी तलब किया है।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिक्षकों की ओर से की गई वेतन नहीं मिलने की शिकायत पर आयोग ने संज्ञान लेते हुए मंगलवार को मामले की सुनवाई की। नियामक आयोग पहुंचे शिक्षकों ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें बीते आठ माह से वेतन नहीं दिया है। इसको लेकर पहले भी अलग-अलग प्रशासन के समक्ष इस मुद्दे को उठाया था लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया। करीब 130 कर्मचारियों और शिक्षकों को जून 2019 से वेतन नहीं मिलने की शिक्षकों ने आयोग के समक्ष बात कही।
आयोग के सदस्य ने बताया कि सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से उनके पास यह शिकायत आई थी। इसको लेकर मंगलवार को सुनवाई की गई। शिक्षकों का पक्ष सुना गया। विवि प्रबंधन ने अभी अपना पक्ष रखा। सुनवाई पूरी करने के बाद आदेश जारी किए गए कि तीन माह का वेतन 22 जून तक जारी किया जाए। उन्होंने बताया कि सुनवाई के दौरान मालूम पड़ा कि करीब 12 करोड़ फीस विश्वविद्यालय अभिभावकों से ले चुका है। उन्होंने कहा कि अगर निर्धारित तारीख तक वेतन जारी नहीं किया गया तो विवि के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।