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Baddi Aroma Factory Fire: 32 घंटे बाद भी सुलग रही परफ्यूम फैक्टरी, चार शव निकाले; जांच के लिए एसआईटी गठित

Sat, 03 Feb 2024 09:58 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरोटीवाला(सोलन)

सार

औद्योगिक क्षेत्र बद्दी के झाड़माजरी में हिलटॉप स्थित परफ्यूम बनाने वाली फैक्टरी 32 घंटे बाद भी सुलग रही है। भीषण अग्निकांड में 30 कामगार घायल हुए हैं।  अब तक पांच की मौत हुई है। जबकि चार लापता हैं। 
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फैक्टरी में अभी भी नहीं बुझी आग, परिजन भी मौके पर पहुंचे - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी के झाड़माजरी में हिलटाॅप स्थित परफ्यूम बनाने वाली फैक्टरी 32 घंटे बाद भी सुलग रही है। आग लगने की घटना के दूसरे दिन शनिवार को चार महिला कामगारों के पूरी तरह जल चुके शव निकाले गए। इसके अलावा पांच को सही सलामत निकाल लिया गया, जबकि चार अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस ने एनआर अरोमा के प्लांट हेड चंद्र शेखर को शुक्रवार देर रात गिरफ्तार कर लिया था, जबकि फैक्टरी का मालिक निलेश पटेल फरार हो गया है। मालिक और प्लांट हेड दोनों मध्य प्रदेश के रतलाम के रहने वाले हैं। चार मृतक महिलाओं में से तीन की शिनाख्त हो चुकी है। तीनों उत्तर प्रदेश की रहने वाली थीं।

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प्लांट हेड को पुलिस ने शनिवार को नालागढ़ अदालत में पेश किया, जहां से उसे चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। दूसरी ओर, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीम इमारत के भीतर नहीं जा पाई है, बाहर से ही हाइड्रा मशीन पर चढ़कर लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं। हाइड्रा मशीन पर चढ़कर ही बाथरूम तोड़ने पर चारों शव वहां से एनडीआरएफ की टीम ने निकाले हैं। शनिवार को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) संजय कुंडू मौके पर पहुंचे और उन्होंने कहा कि फोरेंसिक टीम साक्ष्यों को जुटाएगी। वहीं सरकार ने घटना की जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित कर दी है। इसका कंट्रोल रूम भी बनाया है। डीजीपी ने राज्य सरकार से भारत सरकार की केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान टीम से भी सहयोग लेने का अनुरोध किया है। फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) की टीम भी घटनास्थल का निरीक्षण करेगी और साक्ष्य जुटाएगी।


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उधर, शवों को पोस्टमार्टम के लिए नालागढ़ भेजा गया। ये चारों महिला कामगार शौचालय में जान बचाने के लिए गईं, लेकिन निकल नहीं पाईं। तीन महिलाओं की शिनाख्त के लिए लापता लोगों के परिजनों को नालागढ़ अस्पताल बुलाया गया, जहां इनकी पहचान की गई। इनमें रहनुमा पुत्री कमलू निवासी गांव पालथा, जिला बरेली, उत्तर प्रदेश, राखी पुत्री प्रेम सिंह, निवासी गांव सैरे सिकंदर, जिला संभल, उत्तर प्रदेश और शशि पुत्री नरेश, निवासी गांव कातिया केसार, डाकघर रसूला, जिला बदायूं, उत्तर प्रदेश शामिल है। एक मृतका की पहचान अभी नहीं हो पाई। अभी तक जांच में पाया गया कि घटना के समय फैक्टरी में 43 कामगार थे, जिनमें 30 शुक्रवार को अस्पताल में भर्ती कर दिए थे। इनमें 19 झाड़माजरी के निजी अस्पताल ब्रुकलिन, छह कामगार ईएसआई अस्पताल काठा और पांच पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किए थे। इनमें बद्दी की एक महिला कामगार पिंकी की पीजीआई में शुक्रवार को मौत हो गई थी। चार घायलों का वहां इलाज चल रहा है।

कंपनी मालिकों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई : अग्निहोत्री
 उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने घटनास्थल का जायजा लिया और प्रभावितों के बचाव के संबंध में उचित निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना प्रबंधन की लापरवाही के कारण घटित हुई है और उद्योग मालिक ने कामगारों एवं पर्यावरण की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों का उल्लंघन किया है। इस मामले में उचित कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रदेश सरकार के निर्देश पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है और फैक्टरी के मालिक पर भी कार्रवाई की जा रही है। वर्तमान में आग के कारण पूर्ण कंपनी परिसर कमजोर हो गया है और रसायनयुक्त कार्य होने के कारण जहरीली गैसों का प्रभाव भी है। राहत एवं बचाव कार्य अंतिम व्यक्ति की खोज तक जारी रहेंगे। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की।




एसआईटी में ये पुलिस अधिकारी शामिल
एसआईटी में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक वर्मा, उप पुलिस अधीक्षक खजाना राम और बरोटीवाला के थाना प्रभारी एसआई संजय शर्मा शामिल किए गए हैं। एनआर अरोमा कंपनी के प्लांट हेड चंद्रशेखर को गिरफ्तार कर लिया गया है। कंपनी के मालिक को गिरफ्तार करने के लिए एक टीम रवाना हो चुकी है।  घटना के संबंध में पुलिस फिलहाल आग लगने के बाद लापता बताए गए लोगों की तत्काल तलाश कर रही है। 

हेल्पलाइन नंबर जारी
उपायुक्त सोलन ने कहा कि सभी से आग्रह किया है कि इस संबंध में कोई जानकारी के लिए जिला आपातकालीन केंद्र सोलन के दूरभाष नंबर 01792-220048, 220049, 220882 अथवा 221200 या जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के समन्वयक के मोबाइल नंबर 62303-76825 पर सूचित करें। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि घटना से संबंधित किसी भी सुराग या जानकारी के लिए अशोक कुमार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  के मोबाइल नंबर(9816999000) पर संपर्क किया जा सकता है।  पुलिस लापता लोगों की तलाश कर रही है। लापता व्यक्तियों के संबंध में किसी भी जानकारी के लिए लोग तुरंत पुलिस नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।

 

लापता कामगार, इनमें एक मृतका है, जिसकी पहचान नहीं हुई
जिला चंबा के डाकघर कांडला के गावं बढोह की चंपो देवी, उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले की मोहल्ला रूदयानपति की काजल, उत्तर प्रदेश के खुशीनगर के पपोर गांव की कालज भारती, मध्य प्रदेश के छतरपुर के डाकघर व गांव न्याता बिजवार के वार्ड छह की कल्पना, यूपी के अमरोह के मकनपुर की सोनी लापता है।
 

अभी तक चार महिला कामगारों के शव निकाले गए हैं, जिनकी पहचान नहीं हो पाई है। ये कामगार शौचालय में छिप गईं थीं, जिससे वे आग की चपेट में आ गईं। शवों की शिनाख्त नहीं हुई तो इनका डीएनए कराया जाएगा। शनिवार सुबह तक 13 कामगार लापता थे, लेकिन पांच महिला कामगार सुरक्षित मिल गई हैं। चार कामगार अभी भी लापता हैं।-मनमोहन शर्मा, उपायुक्त सोलन

घायलों को सरकारी अस्पतालों में किया जा रहा शिफ्ट
उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने कहा कि घायलों व मृतकों के परिजनों को राहत राशि दी जाएगी। इसके लिए प्रक्रिया जारी है। उन्होंने यह भी बताया कि शुरू में घायलों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह अस्पताल घटना स्थल से काफी नजदीक था। अब घायलों को सरकारी अस्पताल में शिफ्ट किया जा रहा है।

इन धाराओं के तहत मामला हुआ है दर्ज
घटना को लेकर पुलिस थाना बरोटीवाला में शुक्रवार को एचआईआर संख्या 14/24 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 285 (आग या ज्वलनशील पदार्थ के संबंध में लापरवाहीपूर्ण आचरण), 336 (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाला कार्य), धारा 337 (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कृत्य से चोट पहुंचाना) व 304 (गैर इरादतन हत्या) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।

कामगारों की सुरक्षा के लिए एसओपी जारी करेगी सरकार : हर्षवर्धन
बरोटीवाला के झाड़माजरी स्थित इत्र उद्योग में भीषण अग्निकांड की घटना के बाद सरकार उद्योगों में काम करने वाले कामगारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी करेगी। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि आरंभिक जांच में पता चला है कि इत्र उद्योग में ज्वलनशील रसायनों का जहां भंडारण किया गया था, वहीं से आग फैली। भविष्य में उद्योगों में काम करने वाले कामगारों की अग्निकांड से सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम अनिवार्य किए जाएंगे। आपातकाल में कामगारों की सुरक्षित निकासी के लिए भी पुख्ता इंतजाम करने अनिवार्य होंगे। झाड़माजरी अग्निकांड की उद्योग विभाग अपने स्तर पर भी जांच करवाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 
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निजी तकनीकी एजेंसी करेगी कंपनियों में खामियों की जांच : राम कुमार
 सीपीएस राम कुमार चौधरी ने कहा कि सरकार जल्द ही एक निजी तकनीकी एजेंसी हायर करने जा रही है, जो सभी कंपनियों में कमियों को जांचेगी। जिन कंपनियों में कमियां मिलेंगी, उन्हें एनओसी नहीं दी जाएगी। अरोमा फैक्टरी 2007 में लगी है। यह पहला मामला है, जिसमें इतने लोगों जान चली गई और इतने ज्यादा घायल हुए।फाॅरेंसिंक टीम भी आग पूरी तरह से शांत न होने के कारण अंदर नहीं जा पाई है। अभी चार-पांच और कामगारों के अंदर होने की संभावना है। बिल्डिंग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। कुछ कामगारों के मलबे में दबने की आशंका जताई गई है।
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