हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी के झाड़माजरी में हिलटाॅप स्थित परफ्यूम बनाने वाली फैक्टरी 32 घंटे बाद भी सुलग रही है। आग लगने की घटना के दूसरे दिन शनिवार को चार महिला कामगारों के पूरी तरह जल चुके शव निकाले गए। इसके अलावा पांच को सही सलामत निकाल लिया गया, जबकि चार अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस ने एनआर अरोमा के प्लांट हेड चंद्र शेखर को शुक्रवार देर रात गिरफ्तार कर लिया था, जबकि फैक्टरी का मालिक निलेश पटेल फरार हो गया है। मालिक और प्लांट हेड दोनों मध्य प्रदेश के रतलाम के रहने वाले हैं। चार मृतक महिलाओं में से तीन की शिनाख्त हो चुकी है। तीनों उत्तर प्रदेश की रहने वाली थीं।
प्लांट हेड को पुलिस ने शनिवार को नालागढ़ अदालत में पेश किया, जहां से उसे चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। दूसरी ओर, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीम इमारत के भीतर नहीं जा पाई है, बाहर से ही हाइड्रा मशीन पर चढ़कर लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं। हाइड्रा मशीन पर चढ़कर ही बाथरूम तोड़ने पर चारों शव वहां से एनडीआरएफ की टीम ने निकाले हैं। शनिवार को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) संजय कुंडू मौके पर पहुंचे और उन्होंने कहा कि फोरेंसिक टीम साक्ष्यों को जुटाएगी। वहीं सरकार ने घटना की जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित कर दी है। इसका कंट्रोल रूम भी बनाया है। डीजीपी ने राज्य सरकार से भारत सरकार की केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान टीम से भी सहयोग लेने का अनुरोध किया है। फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) की टीम भी घटनास्थल का निरीक्षण करेगी और साक्ष्य जुटाएगी।
उधर, शवों को पोस्टमार्टम के लिए नालागढ़ भेजा गया। ये चारों महिला कामगार शौचालय में जान बचाने के लिए गईं, लेकिन निकल नहीं पाईं। तीन महिलाओं की शिनाख्त के लिए लापता लोगों के परिजनों को नालागढ़ अस्पताल बुलाया गया, जहां इनकी पहचान की गई। इनमें रहनुमा पुत्री कमलू निवासी गांव पालथा, जिला बरेली, उत्तर प्रदेश, राखी पुत्री प्रेम सिंह, निवासी गांव सैरे सिकंदर, जिला संभल, उत्तर प्रदेश और शशि पुत्री नरेश, निवासी गांव कातिया केसार, डाकघर रसूला, जिला बदायूं, उत्तर प्रदेश शामिल है। एक मृतका की पहचान अभी नहीं हो पाई। अभी तक जांच में पाया गया कि घटना के समय फैक्टरी में 43 कामगार थे, जिनमें 30 शुक्रवार को अस्पताल में भर्ती कर दिए थे। इनमें 19 झाड़माजरी के निजी अस्पताल ब्रुकलिन, छह कामगार ईएसआई अस्पताल काठा और पांच पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किए थे। इनमें बद्दी की एक महिला कामगार पिंकी की पीजीआई में शुक्रवार को मौत हो गई थी। चार घायलों का वहां इलाज चल रहा है।
कंपनी मालिकों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई : अग्निहोत्री
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने घटनास्थल का जायजा लिया और प्रभावितों के बचाव के संबंध में उचित निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना प्रबंधन की लापरवाही के कारण घटित हुई है और उद्योग मालिक ने कामगारों एवं पर्यावरण की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों का उल्लंघन किया है। इस मामले में उचित कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रदेश सरकार के निर्देश पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है और फैक्टरी के मालिक पर भी कार्रवाई की जा रही है। वर्तमान में आग के कारण पूर्ण कंपनी परिसर कमजोर हो गया है और रसायनयुक्त कार्य होने के कारण जहरीली गैसों का प्रभाव भी है। राहत एवं बचाव कार्य अंतिम व्यक्ति की खोज तक जारी रहेंगे। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की।
एसआईटी में ये पुलिस अधिकारी शामिल
एसआईटी में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक वर्मा, उप पुलिस अधीक्षक खजाना राम और बरोटीवाला के थाना प्रभारी एसआई संजय शर्मा शामिल किए गए हैं। एनआर अरोमा कंपनी के प्लांट हेड चंद्रशेखर को गिरफ्तार कर लिया गया है। कंपनी के मालिक को गिरफ्तार करने के लिए एक टीम रवाना हो चुकी है। घटना के संबंध में पुलिस फिलहाल आग लगने के बाद लापता बताए गए लोगों की तत्काल तलाश कर रही है।
हेल्पलाइन नंबर जारी
उपायुक्त सोलन ने कहा कि सभी से आग्रह किया है कि इस संबंध में कोई जानकारी के लिए जिला आपातकालीन केंद्र सोलन के दूरभाष नंबर 01792-220048, 220049, 220882 अथवा 221200 या जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के समन्वयक के मोबाइल नंबर 62303-76825 पर सूचित करें। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि घटना से संबंधित किसी भी सुराग या जानकारी के लिए अशोक कुमार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मोबाइल नंबर(9816999000) पर संपर्क किया जा सकता है। पुलिस लापता लोगों की तलाश कर रही है। लापता व्यक्तियों के संबंध में किसी भी जानकारी के लिए लोग तुरंत पुलिस नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।