अपने मूल स्थान से मंडी शिवरात्रि के लिए कारदारों के साथ प्रस्थान करते हुए देव कमरुनाग।
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मंडी जिले के अधिष्ठाता और बड़ादेव कमरुनाग वीरवार को अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव का आगाज करने के लिए देवलुओं के साथ पैदल छोटी काशी मंडी रवाना हो गए हैं। पारंपरिक देव ध्वनियों के बीच बड़ादेव कमरुनाग देवलुओं के साथ वीरवार सुबह 9 बजे अपने निवास स्थान छेन मैगल से चले।
बड़ादेव 60 किलोमीटर की यात्रा कर छोटी काशी पहुंचेंगे। देवता का जयूनी घाटी में जगह-जगह भव्य स्वागत किया जाएगा। बड़ादेव कमरुनाग का वीरवार को रात्रि ठहराव चैलचौक के भद्रोंन में होगा। इसके बाद देवता बग्गी, बल्ह के नेरचौक, नागचला, बगला, रानीबाईं, पुलघराट होते हुए मंडी पहुंचेंगे। इस दौरान श्रद्धालुओं के घरों में देवता का ठहराव होता है। पैदल यात्रा करने के बाद बड़ादेव कमरुनाग 10 मार्च को 3 बजे मंडी पहुंचेंगे।
यहां राज माधवराय और राज परिवार के सदस्यों से मिलने के बाद देवता मंडी शहर के टारना माता के मंदिर में पूरे महाशिवरात्रि महोत्सव के दौरान विराजमान रहेंगे। देवता के कटवाल भीष्म कुमार ने बताया कि देवता मंडी महाशिवरात्रि महोत्सव में शामिल होने के लिए रवाना हो गए हैं। विभिन्न जगह ठहराव के बाद बड़ादेव मंडी पहुंचेंगे। बड़ा देव कमरुनाग पुलिस और प्रशासन की सुरक्षा के साथ शिवरात्रि मेले में पहुंचेंगे। देवता के साथ प्रशासन की ओर से मोहन, उपेंद्र और डोलम नेगी साथ रहेंगे।