मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की ओर से उपायुक्त सिरमौर रामकुमार गौतम ने पार्थिव शरीर पर पुष्प माला चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। बाबा का अंतिम संस्कार गुरुद्वारा से थोड़ा आगे एक खुले स्थान पर किया गया, जिसे अब स्मारक के रूप में विकसित किया जाएगा।
शिरोमणि पंथ रतन एवं पद्मश्री बाबा इकबाल सिंह रविवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। उनका अंतिम संस्कार दोपहर 2:30 बजे बडू़ साहिब में किया गया। हिमाचल, पंजाब और दिल्ली से पहुंचे सैकड़ों लोगों ने अंतिम संस्कार में शामिल होकर उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
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कलगीधर ट्रस्ट के प्रमुख सदस्य व सेवादार जगजीत सिंह काकावीर, डॉ. देवेंद्र सिंह और बाबा की प्रमुख सेविका चरणजीत कौर ने उन्हें मुखाग्नि दी। एक मशाल को प्रमुख सेविका चरणजीत कौर ने और दूसरी मशाल को काकावीर व डॉ. देवेंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से थामा हुआ था। पार्थिव शरीर की परिक्रमा में सेविका चरणजीत कौर ही आगे थीं। इस मौके पर ड्रोन और हेलिकाप्टर से फूल भी बरसाए गए।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की ओर से उपायुक्त सिरमौर रामकुमार गौतम ने पार्थिव शरीर पर पुष्प माला चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। बाबा का अंतिम संस्कार गुरुद्वारा से थोड़ा आगे एक खुले स्थान पर किया गया, जिसे अब स्मारक के रूप में विकसित किया जाएगा। बाबा इकबाल सिंह के अंतिम संस्कार के बाद उनकी अस्थियों का कलश अकाल तख्त में स्थापित किया जाएगा।
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डॉ. देवेंद्र सिंह उत्तराधिकारी घोषित
डॉ. देवेंद्र सिंह को सर्वसम्मति से कलगीधर ट्रस्ट का अध्यक्ष बनाया गया है। अंतिम संस्कार के बाद ट्रस्ट के सदस्यों ने एक समारोह किया। इसमें अकाल तख्त के सिंह साहिब ज्ञानी मलकीत सिंह ने अन्य ट्रस्टियों के साथ डॉ. देवेंद्र सिंह को सिरोपा पहनाया और उन्हें अगला उत्तराधिकारी घोषित किया। डॉ. देवेंद्र सिंह की यात्रा 35 साल पहले शुरू हुई थी, जब उन्होंने दिल्ली के मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में एक चिकित्सा विशेषज्ञ के रूप में अपना पेशा छोड़ दिया और स्वयंसेवक की इच्छा को पूरा करने व मानवता की सेवा करने के लिए बड़ू साहिब आ गए।
उन्होंने दिव्य आशीर्वाद के रूप में बाबा इकबाल सिंह के हर कदम को शिरोधार्य कर उसका पालन किया। डॉ. देवेंद्र सिंह ने कहा कि बाबा की दूरदर्शिता ने गुर-सिखी का सही मायने में अनुसरण किया है। उन्होंने बताया कि बाबा 103 डिग्री तेज बुखार के साथ भी अपनी सुबह की प्रार्थना के लिए गुरुद्वारा साहिब जाने से कभी नहीं चूकते थे। वही मूल्य उन्होंने सभी बच्चों के दिलों में डाला है।