छह दिसंबर 1992 को हिमाचल में अपनी सरकार गंवाने वाले भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं तत्कालीन मुख्यमंत्री शांता कुमार ने राम मंदिर पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को ऐतिहासिक बताया है। शनिवार को आए इस फैसले को उन्होंने पूरे भारत के लिए सौभाग्य बताया। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की नींव रखने का फैसला वर्ष 1989 में पालमपुर में ही शांता कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया था।
इसमें पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी समेत कई भाजपा और आरएसएस के पदाधिकारियों ने भाग लिया था। इस बैठक में अयोध्या में राम मंदिर बनाने का संकल्प लिया गया था। इसके बाद राम की जन्मस्थली अयोध्या में उनका मंदिर स्थापित करने के लिए सेवकों ने कारसेवा शुरू कर दी थी।
लिहाजा, केंद्र में सत्तासीन कांग्रेस सरकार ने हिमाचल में शांता कुमार, राजस्थान में भैरो सिंह शेखावत, गुजरात में केशु भाई पटेल, मध्य प्रदेश में सुंदरलाल पटवा और यूपी में कल्याण सिंह की भाजपा सरकारों को गिरा दिया था। तब हिमाचल में शांता के नेतृत्व में भाजपा की सरकार को बने हुए ढाई साल हुए थे।