एचआरटीसी बसें जल्द आधुनिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम से लेस होंगी। अब कंडक्टर एक रुपये का भी टांका नहीं लगा पाएंगे। निगम टिकट मशीनों की जगह ऑटोमेटिक टिकट जनरेट मशीनें शुरू करेगा। यह मशीन कंट्रोल रूम से कनेक्ट होगी। आरएम और डीएम कार्यालय से भी यात्रियों का स्टेटस देखा जा सकेगा।
सभी सवारियों का टिकट न कटने पर ऑटोमेटिक टिकट जनरेट मशीन कंट्रोल रूम में अलर्ट भेजेगी। इससे संबंधित कंडक्टर के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जा सकेगी। मशीन में सीसीटीवी कैमरा होगा। कंडक्टरों को मशीनें अलॉट करने से पहले इनका चेहरा मशीन से स्कैन होगा।
बसों के निकासी और प्रवेश द्वार पर भी सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। बस और ऑटोमेटिक टिकट जनरेट मशीन में लगे सीसीटीवी कैमरों का नियंत्रण कंट्रोल रूम से होगा। जैसे ही सवारियां बस में सवार होंगी। प्रवेश और निकासी गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरे सवारियों की गिनती कर उनका चेहरा स्कैन करेंगे।
पूरी सवारियों का टिकट न कटने पर ऑटोमेटिक मशीन कंट्रोल रूम को चेतावनी संदेश भेजेगी। संदेश बताएगा कि कितने यात्रियों का कंडक्टर ने टिकट नहीं काटा है। यात्री ने जिस स्टेशन का टिकट कटवाया होगा, वहां सवारी के न उतरने पर भी कंट्रोल रूम में मेसेज
जाएगा। ऐसे में कंडक्टर किसी यात्री का आधा-अधूरा टिकट भी नहीं काट सकेगा। एचआरटीसी बसों में ऑटोमेटिक मशीन की सुविधा सफल होती है तो अत्याधुनिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम से लेस बसों में हिमाचल पहला राज्य बन जाएगा।