प्रदेश के कृषि सहकारी बैंकों में अब सर्टिफाइड ऑडिटरों से ही ऑडिट कराया जाएगा। सहकारिता विभाग भी अपने स्तर से इन ऑडिटों पर नजर रखेगा। बैंकों में पारदर्शिता के लिए अब ऑडिट में गड़बड़ी न मिलने और उसके बाद गड़बड़झाला पकड़े जाने पर ऑडिटर पर भी कार्रवाई होगी।
सहकारिता मंत्री डॉ. राजीव सैजल ने विधायक अर्जुन सिंह के सवाल के जवाब में यह बात कही। मंत्री ने कहा कि अभी तक की जांच में 13 जगह घोटाले की बात सामने आई है। सहकारी सभाओं में नियुक्तियों में पारदर्शिता के लिए भी नियमों में बदलाव किया गया है।
विधायक राकेश पठानिया और जेआर कटवाल ने भी मामले में अपना पक्ष रखा जिस पर मंत्री ने कहा कि सदस्यों द्वारा उठाए गए अच्छे सुझावों को शामिल कर सहकारिता आंदोलन को आगे बढ़ाने का काम किया जाएगा।
वहीं यह भी स्पष्ट किया कि सहकारी सभाएं सिर्फ अपने वोटिंग अधिकार वाले सदस्यों से ही नकदी जमा के लिए ले सकती है। यह व्यवस्था पिछले विधानसभा सत्र के दौरान सदस्याें द्वारा उठाए गए मुद्दों के बाद और आरबीआई व राष्ट्रपति द्वारा जारी एक अध्यादेश के आदेश के अनुसार किया जा रहा है।
इससे पहले शुरू में अर्जुन सिंह ने सवाल के जवाब को अधूरा बताते हुए पूरी जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की। इस पर मंत्री ने कहा कि उन्हें बाद में पूरी जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी। हालांकि कुछ देर बाद सदन में मंत्री ने भर्ती नियमों में हुए बदलाव संबंधी जानकारी उपलब्ध करा दी।