बोले, मांगें पूरी नहीं कीं तो उग्र आंदोलन होगा
लाइब्रेरी को 24 घंटे खुला रखें, फर्नीचर की करें व्यवस्था अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नागरिक सभा की क्षेत्रीय कमेटी संजौली ने बुधवार को आम समस्याओं और शहर में कुत्तों तथा बंदरों के काटने के बढ़ रहे मामलों को लेकर प्रदर्शन किया।
शिमला नागरिक सभा के अध्यक्ष जगमोहन ठाकुर, सचिव विवेक कश्यप, संजौली इकाई के संयोजक पवन शर्मा, सह संयोजक अंकित दुबे और पूर्व अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने इस प्रदर्शन के दौरान हुई सभा को संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि संजौली उपनगर में सबसे अधिक आबादी है, यहां छात्र, नौजवान, सरकारी कर्मचारी हर वर्ग का नागरिक रहता है। सबसे बड़ी समस्या घर से निकलते ही कुत्तों और बंदरों के हमलों की है। जनवरी से अब तक शहर में करीब 900 लोगों को काटा गया है। नगर निगम प्रशासन को जगाने के लिए नागरिक सभा ने कई बार प्रदर्शन किए और मांग पत्र दिए लेकिन मगर नगर निगम प्रशासन इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश तक लागू नहीं कर रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि नगर निगम प्रशासन जल्द शहर से खूंखार कुत्तों उठाकर हट में रखें। इसके अलावा कुत्तों की व्यापक स्तर पर नसबंदी करें, सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार सभी कुत्तों का टीकाकरण करें। इस दिशा में कार्य शुरू न हुआ तो नागरिक सभा लोगों को लामबंद कर उग्र आंदोलन करेगी। जगमोहन ठाकुर ने कहा कि उपनगर में दो कॉलेज और 10 के करीब स्कूल हैं जिसमें सैकड़ों छात्र छात्राएं शिक्षा ग्रहण करते हैं। यहां खुली लाइब्रेरी में मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। लाइब्रेरी को 24 घंटा खुला रखा जाए और बैठने के लिए फर्नीचर की व्यवस्था करें। संजौली क्षेत्र में कूड़ा एकत्रीकरण टैक्स शुल्क बढ़ाया जा रहा है, लेकिन सुविधा पूरी नहीं मिल रही है। क्षेत्र के लोगों को बसों की भी उचित सुविधा नहीं है।
नशे से दस युवाओं की मौत : ठाकुर
संजौली क्षेत्र में नशे के बढ़ रहे मामलों को लेकर जगमोहन ठाकुर ने कहा कि पिछले एक साल में कम से कम 10 या उससे भी ज्यादा युवाओं की नशे से मौत हो चुकी है। नशे के काले कारोबार को बंद करने के लिए ठोस कदम उठाने, पैदल चलने वाले रास्तों के रखरखाव, स्ट्रीट लाइट के रखरखाव करने जैसी सभी समस्याओं को उठाकर इन्हें दूर करने की नागरिक सभा ने मांग की। प्रदर्शन में महेश वर्मा, सुनील वशिष्ठ, संजीव खजूरिया, नवीन, मोहन शर्मा, सुशील, कुलदीप तंवर, जितेंद्र, जसवंत, ओम प्रकाश, सत्यवान, संजू, उमा, चंपा, सुरेंद्र वर्मा, वीरेंद्र, राकेश वर्मा, सुरेंद्र स्वर्ण, सतेंद्र, प्रवेश, कृतिका, गोबिंद चीतरांटा, राजकुमार, सुहानी और आयुषी शामिल हुए।