शिमला। सत्र न्यायाधीश दविंदर कुमार ने चेक बाउंस मामले में एक आपराधिक अपील को खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट (अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट) के फैसले को बरकरार रखा है। अदालत ने ओम प्रकाश बनाम राम चंद शीर्षक मामले में पारित दोषसिद्धि और सजा आदेश को सही ठहराया है। अब न्यायालय ने आदेश दिया है कि दोषी ओम प्रकाश 26 दिसंबर 2025 तक ट्रायल कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण करें। दोषी ने 8 नवंबर 2024 को ट्रायल कोर्ट के सजा और आदेश के विरुद्ध ऊपरी अदालत में चुनौती दी थी। यह मामला लोअर शिव नगर कसुम्पटी का है। कोटखाई निवासी दोषी ओम प्रकाश शिकायतकर्ता का किरायेदार था। आरोपी पर किराया बकाया था और देनदारी के भुगतान के लिए उसने मार्च 2022 को शिकायतकर्ता को मूल्यवान प्रतिफल के रूप में दो चेक जारी किए थे लेकिन चेक अस्वीकृत हो गए। केस के दौरान दोनों पक्षों की ओर से दलीलें दी गईं और सबूतों के आधार पर ओम प्रकाश को 15 दिन की सजा और 30 हजार रुपये का मुआवजा अदा करने की सजा सुनाई थी। संवाद