मोदी ने लाहौली और कुल्लवी बोलियों में अटल टनल की बधाई देकर हिमाचल से अपना गहरा नाता जोड़ा। उन्होंने यहां के व्यंजनों, जड़ी-बूटियों, खेती से परिचय साझा किया।
रोहतांग दर्रे के अपने थकाऊ सफर को भी याद किया। साथ ही अपनत्व जताते हुए यहां तक कह गए कि उनका अधिकार हिमाचल पर पता नहीं कितना है, पर हिमाचल का उन पर पूरा अधिकार है।