फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चुनावी शोर में अटल के दूसरे घर में पसरा है सन्नाटा

Sun, 06 Apr 2014 10:53 AM IST
अरुण कुमार गर्ग/ अमर उजाला, कुल्लू
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रसिद्ध पर्यटन नगरी मनाली के प्रीणी गांव में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का आशियाना। कभी अटल के ठहाकों और उनकी कविताओं से गूंजने वाले आंगन में आज सन्नाटा छाया हुआ है।
विज्ञापन


भले ही लोकसभा चुनाव का शोर चारों ओर गूंज रहा है, लेकिन यहां के लोग आज भी अपने शालीन और मृदुभाषी नेता के इंतजार में हैं। जून 2006 के बाद से अटल में प्रीणी स्थित अपने आशियाने का रुख नहीं किया।

कारण व्यस्तता नहीं, उनकी बढ़ती उम्र और बीमारी है। हालांकि प्रधानमंत्री रहने के दौरान वे तीन से चार बार मनाली आ चुके हैं। प्रीणी के प्रधान ठाकुर दास, पूर्व उपप्रधान लोत राम, चेम राम, पूर्व प्रधान देवी राम, पूर्व प्रधान कुंदन लाल ने बताया कि पार्टी के नेताओं से मिलने से पहले अटलजी (उनका संबोधन) उनसे पहले मिलते हैं।
विज्ञापन

आम आदमी की तरह रहते थे

प्रधान ठाकुर दास ने बताया कि प्रीणी गांव के अधिकतर लोग आज भी अपने घरों में उनकी यादों को संजोए हुए हैं। वे किसी के भी कहने पर उनके यहां चले जाते थे। स्थानीय लोगों से ऐसे मिलते थे जैसे अपने परिवार के लोगों से मिलते हैं।

ऐसा कभी नहीं लगा कि वे प्रधानमंत्री जैसे उच्च पर आसीन हैं। वे कुर्सी पर बैठे घंटों वादियों को निहारते रहते। गांव का कोई भी व्यक्ति उनसे मिल सकता। जब वे यहां आते तो उत्सव सा माहौल रहता।

प्रीणी गांव के स्कूल मैदान में अटल का पारंपरिक तरीके से स्वागत होता और स्कूल के मैदान में सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद अपने पुराने दोस्तों से भी मिलते। प्रीणी के बाशिंदों और उनके पड़ोसियों को इस बात का भी मलाल है कि इस बार के लोकसभा चुनाव में पार्टी उन्हें पूरी तरह से भूल चुकी है।

पूछा, पौधा तो लगा दिया, देखभाल कौन करेगा

जून 2006 को अटल बिहारी वाजपेयी अंतिम बार प्रीणी आए थे। इस दौरान वाजपेयी ने 5 जून 2006 को प्रीणी स्कूल परिसर में देवदार का एक पौधा लगाया। इस दौरान अटल ने पूछा था कि पौधा तो लगा दिया, लेकिन इसकी देखभाल कौन करेगा। तब ग्रामीणों ने कहा कि हम इस पौधे की देखभाल करेंगे। यह पौधा आज भी प्रीणी स्कूल के मैदान में है।

मेहरचंद 15 वर्षों से रोज करते आ रहे हैं पूजा

अटल का घर केयर टेकर के हवाले है। घर के बाहर सूर्य नारायण का मंदिर है। यहां पर रोजाना जगतसुख के मेहर चंद शर्मा पूजा करने के लिए आते हैं। मेहर चंद ने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी ने उन्हें मंदिर में पूजा करने का दायित्व सौंपा है और वे करीब 15 साल से हर रोज मंदिर में आकर पूजा अर्चना कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अटल अपने इस स्वभाव से हर किसी का दिल जीत लेते हैं। हर साल गांववासी उनका जन्मदिन धूमधाम से मनाते हैं।
विज्ञापन

1990 में सजाया था आशियाना

बताते हैं कि अटल बिहारी वाजपेयी 1962 में मनाली आए थे और उन्हें प्रीणी में ये जगह पसंद आ गई।

इसके बाद करीब 1990 में अपना आशियाना सजाया। उनके दामाद निरंजन भट्टाचार्य और बेटी नमिता भट्टाचार्य अकसर प्रीणी आते रहते हैं।

घर की देखभाल के लिए एक केयर टेकर रखा हुआ है। घर के आसपास पुलिस का कड़ा पहरा है।

किसी भी व्यक्ति को घर में जाने की अनुमति नहीं है। यहां पर पुलिस के जवान हर समय तैनात रहते हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें