दोपहर तीन बजे बड़ोग से वापस शिमला की ओर ट्रेन से प्रस्थान होगा। रेल यात्रा के दौरान कविता, गजल, कहानी और संस्मरण सत्र होंगे। शिमला से बड़ोग तक धरोहर रेलवे स्टेशनों समरहिल, तारादेवी, कैथलीघाट, कंडाघाट, कनोह और बड़ोग के नाम पर सत्र होंगे।
हरनोट ने बताया कि पहले सत्र में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। इस गोष्ठी को बाबा भलखू की स्मृति और सम्मान को समर्पित किया है।
भलखू चायल के पास झाजा गांव के विलक्षण प्रतिभा संपन्न ग्रामीण थे। पढ़ा-लिखा न होने के बावजूद बाबा भलखू की सलाह और सहयोग से अंग्रेज इंजीनियर शिमला-कालका रेलवे लाइन का निर्माण करने में सफल हो पाए थे।
हरनोट ने बताया कि नेल्सन मंडेला अंतरराष्ट्रीय दिवस पर कंडा जेल में हुए साहित्यिक आयोजन के बाद यह आयोजन करवाया जा रहा है। अगले चरण में चायल के समीप स्थित बाबा भलखू के जन्म स्थान झाजा में भी साहित्यिक आयोजन करवाया जाएगा।
साहित्यिक गोष्ठी में पुलिस महानिदेशक (जेल) सोमेश गोयल, डॉ. कविता गोयल, विनोद प्रकाश गुप्ता, रेल प्रबंधक दिनेश शर्मा, सुदर्शन वशिष्ठ, एसआर हरनोट, हेमराज कौशिक, मीनाक्षी पाल, सतीश रतन, कुलराजीव पंत, आत्मा रंजन, सुमित राज, गुप्तेश्वर नाथ, विद्या निधि, दिनेश शर्मा, सीताराम शर्मा,
अंजलि दीवान, प्रियंबदा शर्मा, पौमिला ठाकुर, कौशल मुंगटा, उमा ठाकुर, कल्पना गांगटा, शांति स्वरूप शर्मा, अनुराग विजयवर्गीय, अश्वनी कुमार, राकेश कुमार, वंदना राणा, वंदना भागड़ा, रितांजलि हस्तीर और निर्मल चंदेल भाग लेंगे।