हिंदुओं और बौद्धों के पवित्र तीर्थ स्थल तांदी स्थित चंद्रभागा संगम में मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां पूरे विधिविधान के साथ दोनों धर्मों के रीति अनुसार विसर्जन की जाएंगी। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतपाल सत्ती चार सितंबर को अटल की अस्थियों का विसर्जन करेंगे।
अस्थि विसर्जन से पूर्व इन्हें आम जनता के दर्शन के लिए रखा जाएगा। इस दौरान शोकसभा भी आयोजित की जाएगी। इसमें प्रदेश का शीर्ष नेतृत्व शामिल होगा। अस्थि विसर्जन के दौरान लाहौल-स्पीति के लोग ही नहीं बल्कि कुल्लू-मनाली से भी प्रिय लोग अटल को श्रद्धांजलि अर्पित करने लाहौल पहुंच रहे हैं।
लाहौल के प्रबुद्ध बुद्धिजीवी राजमल कहते हैं कि अटल ने राजनेता के तौर पर जिस भूमिका से कार्य किया है, उसे देश उसे कभी भुला नहीं सकता। अटल ने ही लाहौल के लोगों के लिए रोहतांग टनल दी है।
प्रदेश जनजातीय सलाहकार परिषद सदस्य शमशेर सिंह शंगपा ने बताया कि मंगलवार को तांदी स्थित चंद्रभागा संगम में पार्टी मतभेद से ऊपर उठकर महान आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।