बहुचर्चित पेपर लीक मामले में 14वीं एफआईआर दर्ज हुई। मामले में जांच के दौरान असिस्टेंट स्टोरकीपर (पोस्ट कोड 822) का पर्चा लीक होने की पुष्टि हुई है। भंग आयोग के दौर में 40 पदों को भरने के लिए आयोजित इस भर्ती की लिखित परीक्षा में 19416 अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा के कॉल लेटर जारी किए गए थे। मामले में विजीलेंस की टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
असिस्टेंट स्टोरकीपर (पोस्ट कोड 822) में पेपरलीक की पुष्टि होने के बाद पिछले माह विजीलेंस ने एफआईआर दर्ज की है। इस मामले में अब दो आरोपियों को विजीलेंस ने गिरफ्तार कर शनिवार को हमीरपुर की अदालत में पेश किया है। इन आरोपियों को अदालत ने 20 अगस्त तक पुलिस रिमांड पर भेजा है।
विजीलेंस ने आरोपियों को हमीरपुर और ऊना से शुक्रवार रात को गिरफ्तार किया है। एक आरोपी ढाबा संचालक सोहन लाल है जोकि पेपरलीक मामले में विभिन्न पोस्ट कोड में दर्ज एफआईआर में नामजद है। सोहन सिंह ऊना का निवासी है और भंग कर्मचारी चयन आयोग कार्यालय के बाहर ढाबा चलाता था। यह आरोपी कंप्यूटर ऑपरेटर और जूनियर ऑडिटर भर्ती, पोस्ट कोड 939 जेओए आईटी में दर्ज एफआईआर में नामजद है। जबकि दूसरा आरोपी भोरंज निवासी अमित रावत के रूप में हुई है।
अमित रावत परीक्षा का अभ्यर्थी था। भंग हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग (एचपीएसएससी) हमीरपुर की ओर से साल 2021 में इस भर्ती प्रक्रिया असिस्टेंट स्टोरकीपर (पोस्ट कोड 822) के तहत की गई है। कुल 40 पदों के लिए 19416 अभ्यर्थियों को को रोल नंबर जारी किए गए थे। मार्च 2022 में इस परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया गया था। दिसंबर 2022 में पेपरलीक मामले का खुलासा हुआ इसके बाद 13 एफआईआर विभिन्न पोस्ट कोड में पेपरलीक की पुष्टि होने के बाद दर्ज हुई है। एसपी विजिलेंस विजीलेंस कुलभूषण वर्मा का कहना है कि दो आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में शनिवार को पेश किया गया है। आरोपियों को 20 अगस्त तक पुलिस रिमांड मिला है।