उनके विधानसभा क्षेत्र की कुछ पंचायतों में कार्यों की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। एक नेक्सस के तहत योजनाओं को संचालित किया जा रहा है, जिससे परियोजना के उद्देश्य प्रभावित हो रहे हैं। कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने कहा कि जायका परियोजना कृषि विभाग के माध्यम से वर्ष 2021 से 2029 तक संचालित की जा रही है। परियोजना के लिए कुल 1,010 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान है, इसमें जापान की एजेंसी की हिस्सेदारी 807 करोड़ रुपये और राज्य सरकार का अंशदान 203 करोड़ रुपये है।
कसौली विधानसभा क्षेत्र में फिलहाल फ्लो इरिगेशन की छह योजनाएं स्वीकृत हैं, जिन पर करीब 4.95 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये पूरी तरह नई योजनाएं नहीं हैं, बल्कि पहले से मौजूद कूहलों और सिंचाई ढांचों को विकसित कर परियोजना में शामिल किया गया है। हालांकि मंत्री ने यह भी कहा कि यदि किसी योजना में गुणवत्ता संबंधी कमी, तकनीकी खामी या वित्तीय अनियमितता पाई जाती है तो इसकी निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ आर्थिक दंड लगाने से भी गुरेज नहीं किया जाएगा। कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कसौली में जायका परियोजना के तहत चल रहे कार्यों की स्थिति पर एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।