हिमाचल विधानसभा में शुक्रवार को भोजनावकाश के बाद उस समय स्थिति असमंजस पूर्ण हो गई जब विपक्ष के सभी विधायक तो कार्यवाही में हिस्सा लेने के लिए ठीक दो बजे सदन में पहुंच गए लेकिन सत्तापक्ष की तरफ से कुछ विधायक ही सदन में मौजूद थे। विधानसभा की कार्यवाही भोजनावकाश के लिए दो बजे तक के लिए स्थगित की गई थी, लेकिन इस दौरान राज्यसभा के लिए नामांकन की प्रक्रिया चली होने के कारण विधानसभा अध्यक्ष भी समय पर सदन में नहीं पहुंच पाए। विपक्ष कुछ देर तक सदन में बैठा रहा, लेकिन सत्तापक्ष की ओर से मंत्रियों और विधायकों के सदन में न पहुंचने और कोरम पूरा न होने के चलते पूरा विपक्ष विरोध स्वरूप सदन से बाहर चला गया। इस दौरान सत्तापक्ष की तरफ से सभापति रमेश धवाला सदन की कार्यवाही के संचालन के लिए अध्यक्ष के आसन पर विराजमान हो गए। उन्होंने दोनों पक्षों के सदस्यों से सदन में आने का आग्रह किया।
इस दौरान सत्तापक्ष के सदस्य तो सदन में पहुंच गए, लेकिन विपक्ष विरोध स्वरूप अपने लाउंज में ही कुछ देर के लिए अड़ा रहा और नारेबाजी भी की। इसी बीच, रमेश धवाला ने सदन की कार्यवाही आरंभ करने का प्रयास भी किया और इसके लिए उन्होंने विधायकों की गिनती भी की, लेकिन उनकी संख्या 18 ही निकली। जबकि सदन चलाने के लिए कम से कम 24 सदस्यों का सदन में होना जरूरी था। बाद में सदन में लौटे विपक्ष का कहना था कि सरकार सदन चलाने के प्रति गंभीर नहीं है। कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री, विधायक हर्षवर्धन चौहान और जगत सिंह नेगी ने कहा कि सदन चलाना और कोरम पूरा करना सरकार की जिम्मेदारी है। विपक्ष को कोरम पूरा करना पड़ रहा है। इसके बावजूद सरकार सदन चलाने के प्रति गंभीर नहीं है।
मुहावरों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी नोकझोंक
शिक्षा मंत्री ने अपने संबोधन के दौरान एक मुहावरा बोला। इस पर कांग्रेस विधायकों ने आपत्ति जताई। मंत्री बोले - मैंने आपको संबोधित करते हुए यह मुहावरा नहीं कहा। विपक्ष मंत्री से अपने शब्द वापस लेने पर अड़ा रहा। मुख्यमंत्री और विस अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद भी कांग्रेस विधायक शांत नहीं हुए। नेता विपक्ष ने कहा कि अगर शिक्षा मंत्री की बात कार्यवाही से नहीं हटानी है तो उनके बोले गए मुहावरे को भी जोड़ा जाए। इस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी नोकझोंक हुई। विधानसभा अध्यक्ष ने शिक्षा मंत्री और नेता विपक्ष के बोले मुहावरे कार्यवाही से हटाने के निर्देश दिए।