तीसरी कक्षा के दोगुने बच्चे अब पढ़ पा रहे हैं दूसरी कक्षा के स्तर का पाठ
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ने की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। वर्ष 2022 में जहां तीसरी कक्षा के मात्र 23.0 फीसदी बच्चे भाषा में दूसरी कक्षा के स्तर का पाठ पढ़ सकते थे, वहीं अब 2024 में यह संख्या दोगुनी होकर 46.6 फीसदी हो गई है। इस उपलब्धि के साथ हिमाचल पूरे देश में शीर्ष स्थान पर है।
भाषा पढ़ने में पांचवीं कक्षा के बच्चों में भी सुधार
पढ़ने की क्षमता के मामले में सरकारी स्कूलों के पांचवीं कक्षा के बच्चों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 2022 में जहां 60.2 फीसदी बच्चे भाषा में दूसरी कक्षा के स्तर का पाठ पढ़ सकते थे, वहीं 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 65.8 फीसदी हो गया। इस सुधार के साथ हिमाचल प्रदेश देश के शीर्ष राज्यों में शामिल हो गया है।
गणित में भी विद्यार्थियों का प्रदर्शन बेहतर
गणित की दक्षता में भी हिमाचल के सरकारी स्कूलों के बच्चों ने महत्वपूर्ण प्रगति की है। 2022 में कक्षा तीन के केवल 31.3 फीसदी बच्चे घटाव के सवाल हल कर पाते थे, जबकि 2024 में यह संख्या बढ़कर 46.7 फीसदी हो गई। यानी पिछले दो वर्षों में इसमें 15.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। गणित में ही पांचवीं कक्षा के बच्चों की भाग करने की क्षमता में भी सुधार दर्ज किया गया है। 2022 में जहां 38.1 फीसदी छात्र भाग के सवाल हल कर सकते थे, वहीं 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 44 फीसदी हो गया। यानी इसमें 5.9 फीसदी का सुधार हुआ है।
हिमाचल के 11,421 बच्चों को असर सर्वे में किया गया शामिल
प्रथम की ओर से संचालित असर सर्वेक्षण के तहत सितंबर-अक्तूबर 2024 में देशभर के 605 जिलों के ग्रामीण इलाकों में 3 से 16 वर्ष की आयु के कुल 6,49,491 बच्चों को शामिल किया गया। प्रदेश में इस सर्वे में 11,421 बच्चे शामिल किए गए। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं में भी अपेक्षित सुधार हुआ है।