एचपीयू शिमला के लिए मिला जुला रहा वर्ष 2025, वेतन के मुद्दे पर कर्मचारियों ने कई बार किए प्रदर्शन
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परीक्षा परिणाम जल्द निकालकर राहत भी दी संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के लिए साल 2025 शैक्षणिक निरंतरता और प्रशासनिक अस्थिरता वाला रहा। एक ओर जहां परीक्षा-परिणाम, प्रवेश प्रक्रियाएं और कुछ नए अकादमिक प्रयास आगे बढ़े वहीं दूसरी ओर वेतन भुगतान, डिजिटल सुरक्षा और आधारभूत ढांचे से जुड़े लक्ष्य पूरे नहीं हो सके।
सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन की कई घोषणाएं कागजों तक सीमित रहीं। सालभर छात्र और कर्मचारी हितों से जुड़े मामले, वेबसाइट हैकिंग और प्रशासनिक देरी प्रमुख मुद्दे बने रहे। साल की शुरुआत में शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने वेतन में देरी को लेकर संयुक्त प्रदर्शन किया और कक्षाओं के बहिष्कार तक की स्थिति बनी। जुलाई 2025 में एचपीयू की आधिकारिक वेबसाइट पर साइबर हमला हुआ। साइट का यूआरएल डायवर्ट होने से अभद्र सामग्री दिखाई दी और प्रवेश तथा परीक्षा से जुड़ीं सूचनाएं प्रभावित हुईं।
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तकनीकी और विज्ञान संकायों सहित कई विभागों ने प्रयोगशालाओं, उपकरणों तथा आधारभूत सुविधाओं की कमी को लेकर बार-बार मांग उठाई। बावजूद इसके ढांचागत सुधारों के लिए कोई ठोस और स्थायी व्यवस्था लागू नहीं हो पाई। विश्वविद्यालय में करीब 30 करोड़ की निर्माण परिजानाएं जिनमें पार्किंग निर्माण और छात्रावास मरम्मत शामिल हैं अभी तक पूरी नहीं हो सकीं। इस साल पहली बार विवि ने परीक्षाओं के 6 महीने के अंदर नतीजे जारी किए। विवि ने आईआईटी मंडी, डीआरडीओ इमनास, हिरोशिमा विश्वविद्यालय सहित 20 से अधिक संस्थाओं के साथ शोध और अकादमिक आदान-प्रदान की शुरुआत की।
नए साल में बनेंगे तीन नए परिसर
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला के हजारों छात्रों को जल्द ही नए परिसरों की सुविधा मिलने वाली है। पीएम मेरु योजना के तहत हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में 24 करोड़ की लागत से तीन नए परिसर तैयार किए जाएंगे। योजना के तहत पहला नया परिसर यूआईएलएस के पास बनेगा। दूसरा परिसर स्वास्थ्य केंद्र के पास बनना प्रस्तावित है। तीसरा परिसर विवि में बनने वाली डिजिटल लाइब्रेरी के पास तैयार किया जाएगा। 2020 से अटकी नई शिक्षा नीति 2026 से प्रदेश विश्वविद्यालय में लागू कर दी जाएगी। इसके लिए अकादमिक प्रस्ताव मंजूरी के लिए सरकार को भेजा है। मंजूरी मिलते ही नई शिक्षा नीति को लागू कर दिया जाएगा।