अरनी विश्वविद्यालय में पीएचडी की डिग्री कर रहे करीब दो दर्जन छात्रों ने इंदौरा विस क्षेत्र के विधायक मनोहर धीमान से मिलकर लिखित शिकायत पत्र सौंपा।
इसमें यह आरोप लगाया है कि विवि प्रशासन वर्ष 2011 से पीएचडी की डिग्री के नाम पर उनसे लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद डिग्री देने में आनाकानी कर रहा है।
पीएचडी की पढ़ाई पूरी करने के बाद अब थीसिज जमा करने का समय आया तो विवि प्रशासन पीएचडी करवाने की अप्रूवल नहीं होने की बात कर रहा है। इसके चलते पिछले तीन साल तक डिग्री के लिए पढ़ाई करने वाले 24 छात्रों को अपने भविष्य पर तलवार लटकती नजर आ रही है।
यहां पीएचडी की पढ़ाई करने वाले छात्रों ममता शर्मा, नितिका, सुरेंद्र सैनी, माधुरी गुप्ता, रिति, मंजु शर्मा, प्रियंकुर, नेहा, तलविंद्र, जुनैद, नेहा, श्वेता, रमेश सिंह, राकेश, दलजीत, भारतेंदु, विनोद, अर्चना, आरती, प्रियंका, प्रिया, जुल्फिकार मुर्तजा, शाजिया रसीद व करण ठाकुर आदि ने विधायक मनोहर धीमान को अपनी पीड़ा बताई।
वहीं, छात्रों ने विवि प्रशासन को चेताया कि अगर जल्द उनका यह मसला नहीं सुलझाया गया तो वे सभी छात्र विवि गेट के समक्ष आत्मदाह करेंगे।
उधर, इस मामले में विधायक मनोहर धीमान ने विवि के वाइस चांसलर एसके कौशल से मंगलवार तक इस मामले को लेकर रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने छात्रों को भरोसा दिया कि उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
साथ ही उन्होंने छात्रों को साथ लेकर 19-20 दिसंबर को मुख्यमंत्री से उनका मसला उठाने का भरोसा दिया। उधर, विवि के वाइस चांसलर एसके कौशल ने बताया कि प्रदेश शिक्षा विभाग की तरफ से पीएचडी की डिग्री देने पर पांबदी लगाई है।
जहां तक इन छात्रों का सवाल है तो उनका कोर्स ही अभी तक पूरा नहीं हुआ है। इस मामले में शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से बातचीत चल रही है।