रिज पर आर्मी ट्रेनिंग कमांड ने मनाया 77वां सेना दिवस
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राजधानी के ऐतिहासिक रिज मैदान पर सेना प्रशिक्षण कमान (आरट्रैक) ने बुधवार को 77वें सेना दिवस पर नो योर आर्मी (अपनी सेना को जानो) कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें प्रदर्शनी के माध्यम से लोगों को सेना के हथियारों और उपकरणों से रूबरू करवाया। इसमें ऐके 203, ग्रेंड लॉंचर, सोको स्नाइपर, एसएमजी स्नाईपर, दूरबीन, मशीन गन, नाइट विजन दूरबीन सहित अन्य कई तरह के हथियार प्रदर्शित किए हैं। इसमें सेना के जवानों ने स्थानीय लोगों सहित सैलानियों को डेमो देकर फील्ड में उपयोग किए जाने वाले हथियारों की जानकारी दी।
बताया कि किस स्थिति में किस हथियार का प्रयोग किया जाता है। साथ ही युवाओं और बच्चों को भर्ती प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम में उपयुक्त अनुपम कश्यप ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कार्यक्रम की शुरुआत सेना पाइप बैंड की भव्य प्रस्तुति से हुई। इसे देखने के लिए सैंकड़ों की संख्या में लोग एकत्रित हुए थे। सफेद, हरे और नारंगी रंग के गुब्बारे हवा में छोड़े गए। मिलिट्री मार्शल म्युजिक (सैन्य मार्शल संगीत) कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें आर्मी जवानों ने गाने गाकर दर्शकों का मनोरंजन किया। इसके अलावा कार्यक्रम में मेडिकल कैंप और सेल्फी प्वाइंट सहित भारतीय सेना के बारे में जानकारी प्रदान करने वाले स्टॉल लगाए गए हैं।
इसके अलावा कई तरह के व्यंजनों के स्टॉल भी रिज पर लगाए हैं। इस अवसर पर मेजर जरनल वीएसएम विवेक विंकेटरमन, एसपी संजीव गांधी, नगर निगम महापौर सुरेंद्र चौहान, आयुक्त भुपेंद्र अत्री सहित सेना प्रशिक्षण कमान के विभिन्न अधिकारी मौजूद रहे।
इसलिए मनाया जाता है सेना दिवस
15 जनवरी को हर साल सेना दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन जनरल (बाद में फील्ड मार्शल) केएम करियप्पा ने 1949 में अंतिम ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ जनरल फ्रांसिस रॉय बुचर से भारतीय सेना की कमान संभाली थी और स्वतंत्रता के बाद वह पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ बने। यह भारत के इतिहास का एक महत्वपूर्ण पल था। यह दिन भारतीय सेना में स्वदेशी नेतृत्व की शुरुआत का प्रतीक बना। इसलिए हर साल 15 जनवरी को भारतीय सेना दिवस के रूप में मनाया जाता है।