युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री गोविंद ठाकुर ने सोमवार को सदन में स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य में खेल विधेयक नहीं बल्कि राज्य सरकार नई खेल नीति लाएगी। पुरानी खेल नीति 2001 की है और इसमें बदलाव की जरूरत है। राज्य में वर्ष 2012 से प्रदेश में परशुराम अवार्ड नहीं दिए गए। वर्तमान सरकार ने 25 जनवरी को कुल 15 खिलाड़ियों को परशुराम अवार्ड दिए हैं।
26 जनवरी को सभी जिलों में मंत्रियों ने 133 खिलाड़ियों को बेहतर खिलाड़ी होने पर सम्मानित किया है। मंत्री के जवाब के साथ ही कटौती प्रस्ताव गिरा दिया गया। ओलंपिक पदक विजेता विजय कुमार को डीएसपी लगाया गया है। प्रदेश में 3200 खेल मैदान हैं। मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेताओं को पहले एक करोड़ और अब दो करोड़ मिलेेंगे।
रजत पदक लाने पर पहले 50 हजार देते थे और अब डेढ़ करोड़ मिलेगा। कांस्य पदक लाने पर पहले 25 लाख देते थे और अब 1 करोड़ मिलेगा। राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक पर पहले डेढ़ लाख और अब 3 लाख, रजत पदक पद पहले 75 हजार और अब 1.50 लाख और कांस्य पद पर पहले 50 हजार और अब 1 लाख मिलेंगे। खिलाड़ियों के लिए तीन फीसदी कोटे से 559 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी गई है।
उन्होंने कहा कि कोचों के 22 रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है। अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान से 12 हजार लोगों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। वाटर स्पोर्ट्स के लिए बिलासपुर में उचित कदम उठाए जा रहे हैं। कटौती प्रस्ताव पर विधायक राम लाल ठाकु र ने कहा कि प्रदेश में खेलों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।