हिमाचल अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के संयोजक विनोद कुमार
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हिमाचल अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के संयोजक विनोद कुमार ने कहा कि उद्यान निदेशालय के सभागार में महासंघ चुनाव के नाम पर ड्रामा हुआ है। यह कर्मचारियों के साथ एक बड़ी जालसाजी हुई है। यह पूरी तरह गैरकानूनी और अनैतिक कार्य है। महासंघ ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती और चारों सांसदों से भी मांग की है कि इस पर गंभीरता से विचार करें। महासंघ के चुनाव 21 जुलाई को किसान भवन बिलासपुर में होने हैं।
विनोद ने जारी बयान में कहा कि आनन-फानन में महासंघ का यह चुनावी ड्रामा कर्मचारी वर्ग को हानि पहुंचाने की बड़ी साजिश है। इसे प्रदेश के कर्मचारी बर्दास्त नहीं करेंगे। चुनाव महासंघ के तय संविधान के तहत लंबी प्रक्रिया के अनुसार होते हैं। इसलिए कर्मचारियों की इस विश्वसनीय संस्था को हाइजेक किया जाना गैरकानूनी और अनैतिक कार्य है।
इस चुनावी ड्रामे में तथाकथित इन नेताओं ने मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र से संबद्ध होने का प्रचार करते हुए कर्मचारियों को मुख्यमंत्री कार्यालय और ओकओवर के नाम का भी इस्तेमाल कर डराया-धमकाया गया।
ऐसी परिपाटी पूर्व कांग्रेस शासनकाल में गोपालदास वर्मा और लक्ष्मी सिंह मच्छान ने भी अपनाई थी, जबकि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि कर्मचारी राजनीति में सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं है और न रहेगा। फिर आखिर इन तथाकथित कर्मचारी नेताओं के ऐसे हौसले बुलंद रहने के पीछे क्या वजह है?
कहा कि कुछ लोग इस प्रकार से मुख्यमंत्री का नाम लेकर कर्मचारी राजनीति और उनके सौहार्दपूर्ण वातावरण को खराब करने का प्रयास करेंगे तो यह सरकार और सत्तारूढ़ दल दोनों के लिए नुकसानदेह होगा।